बुखार का कहर:- कीरतपुर गांव में 1 महीने में 5की मौत, तीन एनएस-1 पॉजिटिव, 100 से ज्यादा बीमार

Spread the love

 

बुलंदशहर के छतारी क्षेत्र के कीरतपुर गांव में बीते एक महीने में बुखार से पांच लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा 100 से ज्यादा लोग बीमार हैं। गांव में लगातार हो रही मौतों और बुखार के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोमवार को जांच शिविर का आयोजन किया गया। इसमें तीन मरीज एनएस-1 पॉजिटिव आए हैं।

किरतपुर गांव निवासी अतुल राघव ने बताया कि पड़ोस में रहने वाली कमलेश (50) बीते आठ दिनों से बुखार से ग्रस्त थीं। परिजनों ने पहले चौंढेरा गांव स्थित निजी क्लीनिक में जांच कराई और उपचार कराया। वहां पर तबीयत में आराम नहीं मिलने पर परिजन अलीगढ़ के निजी अस्पताल ले गए और भर्ती कराया। जहां रविवार रात को उपचार के दौरान कमलेश ने दम तोड़ दिया।

बीते एक महीने में बुखार से यह पांचवीं मौत है। करीब एक महीने से गांव में बुखार का प्रकोप फैल रहा है। ग्रामीण संजय ने बताया कि ऐसा कोई घर नहीं है, जहां पर मरीज नहीं हो। अधिकांश परिवारों के सभी सदस्य बुखार से ग्रस्त हैं। सबसे पहले 28 अक्तूबर को गांव में रहने वाली अनारा देवी (65), पांच नवंबर को वीरेंद्र (70), 15 अक्तूबर को अमर सिंह (75) और 15 नवंबर को रानी (58) ने बुखार में दम तोड़ दिया। लगातार हो रही मौतों से ग्रामीणों में दहशत बढ़ रही है। ऐसे में ग्रामीण विभिन्न निजी व सरकारी अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। इसमें सुरेश, कांसी, भूपेंद्र, लक्ष्मी, सत्यवति, दुर्गेश, अर्जुन सिंह, काजल, अंजली आदि मौजूद रहे।

और पढ़े  हिट हुआ नोएडा एयरपोर्ट: 15 शहरों से जुड़ा, 2.6 गुना बढ़ी फ्लाइट की संख्या, तीन गुना हुआ ट्रैफिक

ग्राम प्रधान विमल सिंह ने बताया कि गांव में तेजी से बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। इसके अलावा कुछ लोगों की मौत हो गई थी। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई और ग्रामीणों के स्वास्थ्य परीक्षण की मांग की गई। इस पर सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से जांच शिविर का भी आयोजन किया गया। वहीं गांव में पहासू खंड विकास अधिकारी नरेंद्र शर्मा, एडीओ पंचायत सतपाल सिंह और ग्राम सचिव लाखन सिंह ने पीड़ित परिवारों से वार्ता की और उचित जांच व उपचार कराने के लिए जागरूक किया।

किरतपुर गांव में वायरल के मरीज बढ़ने के चलते पूर्व में भी दो जांच शिविर का आयोजन किया गया था, जिसमें कोई गंभीर मरीज सामने नहीं आया। सोमवार को आयोजित जांच शिविर में 100 मरीजों की जांच की गई, जिसमें 70 मरीजों के स्लाइड के माध्यम से डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड की जांच की। इसमें केवल तीन एनएस-1 पॉजीटिव आए हैं। एलाइजा टेस्ट के लिए उनका सैंपल लिया गया है, जिसके बाद डेंगू की पुष्टि होगी। – नवीन कुमार शर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी, पहासू सीएचसी  

झोलाछाप फैला रहे डेंगू की अफवाह
डॉ. नवीन शर्मा ने बताया कि कुछ ग्रामीण झोलाछाप के संपर्क में आ गए, जिन्होंने ग्रामीणों को डेंगू के लक्षण बताकर उनके मन में डर बना दिया। जबकि ऐसा कुछ नहीं है। किसी भी मरीज में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। मरीज व उनके परिवार से मुलाकात कर उनको मान्यता प्राप्त चिकित्सकों से उपचार कराने के लिए अपील की गई है। साथ ही मरीजों को लक्षण के आधार पर आवश्यक दवाएं भी दी गईं।

और पढ़े  प्रदेश में 181 पीसीएस अधिकारियों के तबादले, 12 घंटे में 363 अफसर इधर से उधर, कई जिलों के बदले एसडीएम

Spread the love
  • Related Posts

    चंपत राय कलंक से मुक्ति पाने के लिए करेंगे ऐसा काम, रामलला की शरण में होगी विशेष साधना, पहली बार लिया फैसला

    Spread the love

    Spread the loveचढ़ावा चोरी प्रकरण की एसआईटी जांच के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने अपने जीवन का पहला चातुर्मास अयोध्या में करने का…


    Spread the love

    राममंदिर चढ़ावा चोरी: एसआईटी की विस्तृत जांच में सामने आई अनिल मिश्रा की मुख्य भूमिका, सुभाष भी खेल में शामिल

    Spread the love

    Spread the loveराममंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की विस्तृत जांच में ट्रस्ट के पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा और गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव की मुख्य भूमिका बताई गई…


    Spread the love