दिल्ली सरकार ने सोमवार देर रात एक अहम कदम उठाते हुए असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस विवेक भगत को एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस का ‘करंट ड्यूटी चार्ज’ सौंपने का निर्णय रोक दिया है। विवेक भगत पर हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार के साथ यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगा है।
सरकार के आधिकारिक बयान के मुताबिक, आरोपी एसीपी विवेक भगत ने स्वयं यह अनुरोध किया है कि जब तक महिला पत्रकारों के कथित यौन उत्पीड़न मामले की निष्पक्ष जांच पूरी नहीं हो जाती और वह संतोषजनक निष्कर्ष तक नहीं पहुंचती, तब तक उन्हें यह अतिरिक्त प्रभार न दिया जाए। सरकार ने बताया है कि इसी अनुरोध के चलते पिछले आदेश में बदलाव किया जा रहा है और शेष 11 अधिकारियों को प्रभार सौंपने के संबंध में संशोधित आदेश फिर से जारी किया जाएगा।
तीन अक्तूबर को जंतर-मंतर पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं के विरोध में एक प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर गंभीर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। दिल्ली पुलिस को इस संबंध में शिकायतें मिल चुकी हैं, जिन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच के लिए क्राइम ब्रांच के सुपुर्द कर दिया गया है।






