किसानों ने खत्म किया आंदोलन
बीते तीन दिनों से जारी किसान आंदोलन बुधवार रात खत्म हो गया। किसानों ने आंदोलन खत्म करने की घोषणा की। इसके पीछे सरकार के उस फैसले को माना जा रहा है, जिसमें 60 प्रतिशत उपज खरीदे जाने की बात कही गई। दिनभर की गहमागहमी के बाद आंदोलन खत्म होने से शहर के लोगों ने राहत की सांस ली है। किसान अब घरों की लौटने लगे हैं।
सीएम हाउस जाने वाले सभी रास्ते बंद किए
सरकार के फैसले के बाद किसान दो गुटों में बंट गए हैं। कुछ किसान सरकार के 60% खरीदी के फैसले से सहमत हैं, जबकि कुछ किसान अब भी 100% खरीदी की मांग पर अड़े हैं। दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा जारी है। इधर, राजभवन, रोशनपुरा, बाणगंगा और पॉलिटेक्निक चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात है। सीएम हाउस जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसान प्रतिनिधियों और सरकार की समिति के बीच वार्ता बेनतीजा
मूंग खरीदी के मुद्दे पर किसान प्रतिनिधियों और सरकार की ओर से गठित समिति के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही। किसानों ने प्रति एकड़ चार क्विंटल मूंग न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदे जाने की मांग रखी, जबकि समिति ने प्रति एकड़ दो क्विंटल 40 किलोग्राम मूंग खरीदने का प्रस्ताव दिया। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय तक चर्चा हुई, लेकिन किसी सहमति पर बात नहीं बन सकी। इसके बाद किसानों ने रोशनपुरा चौराहे पर डेरा डाल दिया। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वे आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह का मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र, मूंग खरीद को लेकर स्थिति की साफ
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखा है कि पीएम आशा योजना में राज्यों के लिए 5.23 लाख मीट्रिक टन की सीमा तय की गई है। इसमें मध्य प्रदेश को 87 प्रतिशत हिस्सा मिला है।
इसके पहले मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंसाना ने 28 जुलाई को पत्र लिखकर मूंग खरीद को 4.54 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 8.06 लाख मीट्रिक टन करने का अनुरोध किया था। इसके जवाब में शिवराज ने लिखा कि पीएम आशा योजना के तहत किसानों से उपज खरीदने के लिए राज्यों को केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा राज्य उत्पादन के 25 प्रतिशत तक की सीमा में खरीदी की अनुमति दी जाती है। इससे अधिक की खरीदी की अनुमति देने के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर प्रक्रिया और निर्णय लिया जाता है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 29 जुलाई 2026 तक मध्य प्रदेश में करीब 60 हजार मीट्रिक टन मूंग की खरीदी हो चुकी हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए मूंग खरीदी को सुचारू रूप से संचालित करने का अनुरोध किया है।







