एपस्टीन मामला- एपस्टीन केस में पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन की गवाही, कहा- अपराधों की कोई जानकारी नहीं थी

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मेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने न्यूयॉर्क में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस) की एक समिति के सामने गवाही दी। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें जेफरी एपस्टीन या उसकी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल के अपराधों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें याद नहीं कि वह कभी एपस्टीन से मिली हों। यह पूछताछ न्यूयॉर्क के चप्पाक्वा में बंद कमरे में हुई। यह वही इलाका है जहां क्लिंटन परिवार रहता है। यह दो दिन तक चलने वाली प्रक्रिया है, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन से भी सवाल-जवाब होंगे। पहली बार ऐसा हो रहा है कि किसी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति को कांग्रेस के सामने गवाही देनी पड़ रही है।

 

एपस्टीन मामला क्या था?
जेफरी एपस्टीन एक अमीर फाइनेंसर था, जिस पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे थे। 2019 में वह न्यूयॉर्क की जेल में मुकदमे का इंतजार करते हुए मृत पाया गया। आधिकारिक तौर पर इसे आत्महत्या बताया गया। एपस्टीन ने 2008 में फ्लोरिडा में एक नाबालिग से वेश्यावृत्ति कराने के आरोप में दोष स्वीकार किया था, लेकिन उस समय वह संघीय आरोपों से बच गया था। अब कांग्रेस यह जांच रही है कि उस समय सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

क्लिंटन दंपति पर सवाल क्यों?
रिपब्लिकन पार्टी के नेता और हाउस ओवरसाइट कमेटी के चेयरमैन जेम्स कॉमर ने क्लिंटन दंपति से पूछताछ की मांग की थी। उन्होंने आपराधिक अवमानना की चेतावनी भी दी थी। कुछ दस्तावेजों में बिल क्लिंटन की एपस्टीन के साथ तस्वीरें सामने आई थीं। हालांकि उन पर किसी भी तरह का अपराध साबित नहीं हुआ है। हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि उनके पति एपस्टीन के साथ कुछ चैरिटी यात्राओं पर गए थे, लेकिन उन्हें खुद उससे मिलने की याद नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने मैक्सवेल से ‘क्लिंटन फाउंडेशन’ के कार्यक्रमों में मुलाकात की थी।

ट्रंप का नाम भी चर्चा में
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल एपस्टीन से जुड़े कुछ केस फाइल सार्वजनिक किए थे। अब डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चाहते हैं कि ट्रंप भी इस मामले में गवाही दें। कैलिफोर्निया के सांसद रॉबर्ट गार्सिया ने कहा कि अगर बिल क्लिंटन गवाही दे सकते हैं, तो ट्रंप को भी समिति के सामने आना चाहिए। हालांकि कमेटी के चेयरमैन का कहना है कि मौजूदा राष्ट्रपति को इस तरह तलब नहीं किया जा सकता।

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अमेरिका में सियासी माहौल गरम
एपस्टीन मामला अमेरिका में अब सिर्फ कानूनी नहीं बल्कि राजनीतिक मुद्दा भी बन चुका है। रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। कुछ डेमोक्रेट नेताओं का भी कहना है कि किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए और पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए। हिलेरी क्लिंटन ने अपने बयान में कहा कि वह भी एपस्टीन के अपराधों से भयभीत हैं और मानव तस्करी के खिलाफ उनका काम हमेशा जारी रहेगा।


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