फीफा विश्व कप 2026 के तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड और फ्रांस के बीच ऐसा रोमांच देखने को मिला, जिसे विश्व कप इतिहास के सबसे यादगार मैचों में गिना जाएगा। कुल 10 गोल वाले इस मुकाबले में इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया। यह 1982 के बाद विश्व कप के किसी मैच में सबसे अधिक 10 गोल होने का रिकॉर्ड भी बन गया।
| फ्रांस | मिनट | मिनट | इंग्लैंड |
|---|---|---|---|
| किलियन एम्बाप्पे | 48′ | 3′ | डेक्लान राइस |
| ब्रैडली बारकोला | 54′ | 18′ | एजरी कोन्सा |
| किलियन एम्बाप्पे | 66′ | 37′ | बुकायो साका |
| उस्मान डेम्बेले | 90+6′ | 45+1′ | बुकायो साका |
| — | — | 87′ (पेनल्टी) | बुकायो साका |
| — | — | 90+8′ | जूड बेलिंगहम |
दूसरे हाफ में फ्रांस की दमदार वापसी
हाफटाइम के बाद फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेशॉ ने एक साथ चार बदलाव किए। उस्मान डेम्बेले और ब्रैडली बारकोला के आने से फ्रांस के हमले में नई जान आ गई। 48वें मिनट में किलियन एमबाप्पे ने गोल कर फ्रांस की वापसी की शुरुआत की। इसके 10 मिनट बाद बारकोला ने गोल दागकर अंतर 4-2 कर दिया। 67वें मिनट में एमबाप्पे ने अपना दूसरा गोल किया और स्कोर 4-3 हो गया। इसके साथ ही उन्होंने विश्व कप में अपने करियर का 22वां गोल दागकर लियोनल मेसी के 21 गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। साथ ही वह इस टूर्नामेंट में 10 गोल के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में भी शीर्ष पर पहुंच गए।
साका की हैट्रिक और बेलिंगहम ने लगाई जीत पर मुहर
फ्रांस की वापसी के बीच इंग्लैंड को 87वें मिनट में पेनल्टी मिली। बुकायो साका ने बिना गलती किए गोल दागा और अपनी हैट्रिक पूरी करते हुए इंग्लैंड को 5-3 की बढ़त दिलाई। हालांकि, स्टॉपेज टाइम में उस्मान डेम्बेले ने गोल कर स्कोर 5-4 कर दिया और मुकाबले में फिर रोमांच भर दिया। लेकिन इंजुरी टाइम के आठवें मिनट (90+8वें) में बतौर विकल्प मैदान पर उतरे जूड बेलिंगहम ने गोल कर इंग्लैंड की 6-4 की ऐतिहासिक जीत पक्की कर दी। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने 1966 में विश्व कप जीतने के बाद टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया।
टुकेल ने डेशॉ को गले लगाया
मैच के बाद इंग्लैंड के कोच टुकेल ने फ्रांस के कोच डेशॉ को गले लगाया। यह फ्रांस के कोच के तौर पर डेशॉ का आखिरी मैच था।
एमबाप्पे ने डेशॉ को भावुक संदेश दिया
यह मुकाबला फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेसचैम्प्स का टीम के साथ आखिरी मैच भी था। मैच से पहले किलियन एमबाप्पे ने अपने कोच के लिए भावुक संदेश लिखा। उन्होंने कहा, ‘आपने हमें इतना कुछ दिया है। हमें आपको इससे बेहतर विदाई देनी चाहिए थी, लेकिन हम ऐसा नहीं कर सके। पिछले 14 वर्षों में आपने फ्रांस के लिए जो किया, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। टीम के पुनर्निर्माण में आपकी भूमिका बेहद बड़ी रही है। लोगों ने हमेशा आपकी महानता की कद्र नहीं की, लेकिन समय और इतिहास जरूर करेगा।’
विश्व कप इतिहास के यादगार मुकाबलों में शामिल
मियामी के हार्ड रॉक स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दर्शकों को शुरू से अंत तक रोमांच देखने को मिला। पहले हाफ में इंग्लैंड का एकतरफा दबदबा रहा, जबकि दूसरे हाफ में फ्रांस ने शानदार वापसी की। कुल 10 गोल, रिकॉर्ड टूटने, हैट्रिक और आखिरी मिनटों के ड्रामे ने इस मुकाबले को विश्व कप इतिहास के सबसे यादगार मैचों में शामिल कर दिया।








