कल देशव्यापी एसआईआर का एलान कर सकता है चुनाव आयोग, 10 से 15 राज्यों में पहले चरण में चलेगा अभियान, पढ़ें..

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चुनाव आयोग सोमवार शाम को एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा, जिसमें पूरे देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की घोषणा की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की तैयारियों के तहत उठाया जा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोग के अधिकारी प्रक्रिया और पहले चरण के राज्यों की जानकारी साझा करेंगे।

 

एसआईआर का क्या है उद्देश्य?
विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची में सुधार करना और इसमें नए मतदाताओं का समावेश करना है। इसमें नामों की जांच, पुराने मतदाताओं की पुष्टि, और आवश्यक संशोधन शामिल होंगे। आयोग ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। एसआईआर के तहत मतदाता सूची में त्रुटियों को दूर कर नए मतदाताओं को शामिल किया जाएगा, जिससे चुनावों में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

 

ये राज्य पहले चरण में होंगे शामिल
हालांकि, अभी तक पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन अधिकारियों के अनुसार पहले चरण में 10 से 15 राज्य शामिल होंगे। इनमें ऐसे राज्य होंगे, जहां 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इन राज्यों में तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुद्दुचेरी शामिल हैं। एसआईआर में मतदाता सूची की संपूर्ण समीक्षा की जाएगी और आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।

चुनाव आयोग की तैयारियां और महत्व
चुनाव आयोग ने कहा है कि एसआईआर से मतदाता सूची की विश्वसनीयता बढ़ेगी और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इस दौरान चुनाव आयोग के अधिकारी विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में जाकर मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच करेंगे। इस पहल से नए मतदाताओं के नाम सूची में शामिल होंगे और मतदाता पहचान में सुधार होगा। यह कदम लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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आगामी चुनावों पर प्रभाव
विशेष गहन पुनरीक्षण से 2026 के विधानसभा चुनावों और उसके बाद होने वाले लोकसभा चुनावों में मतदाता सूची अधिक सटीक रहेगी। इससे चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और भरोसेमंद होगी। आयोग का लक्ष्य है कि हर योग्य मतदाता मतदान कर सके और किसी भी प्रकार की त्रुटि सूची में न रह जाए। यह कदम भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और पारदर्शिता के लिए महत्वपूर्ण है।

बंगाल में एसआईआर से पहले चुनाव आयोग कर सकता ये नियुक्तियां
एक सीनियर अधिकारी ने रविवार को बताया कि चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के संभावित एसआईआर के दौरान बूथ-लेवल अधिकारियों की मदद के लिए स्वंयसेवकों को नियुक्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस काम के लिए स्वंयसेवकों को हर ब्लॉक में सरकारी कर्मचारियों में से चुना जाएगा, और यह काम जल्द ही शुरू हो सकता है। अधिकारी ने बताया, ‘यह अभी योजना के चरण में है… ये सहायक बीएलओ को नामांकन फॉर्म भरने में मदद करेंगे और जरूरत पड़ने पर सब्स्टीट्यूट के रूप में भी तैनात किए जा सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इन स्वंयसेवकों को मुख्य रूप से उन पोलिंग स्टेशनों पर तैनात किया जाएगा जहां 1200 से ज्यादा वोटर हैं। अधिकारी ने कहा, राज्य में पोलिंग बूथों की संख्या मौजूदा 80000 से बढ़कर लगभग 94000 हो सकती है, यानी लगभग 14000 बूथ बढ़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस काम के लिए कई जिलों के ब्लॉक डेवलपमेंट अधिकारियों ने स्कूल इंस्पेक्टरों को चिट्ठी लिखकर स्थायी शिक्षकों, क्लर्कों और दूसरे सरकारी कर्मचारियों की सूची मांगी है जिन्हें स्वंयसेवक के तौर पर लगाया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि फोन नंबर के साथ सूची 29 अक्तूबर तक जमा करनी हैं।

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