तबाही:- जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश से 11 की मौत,एक रात की बारिश ने उजाड़ दिए कई घर

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में भारी बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। शनिवार देर रात से रविवार सुबह तक हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं। हादसों में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं कम से कम चार लोग घायल हुए हैं, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं।

सुरनकोट तहसील सबसे ज्यादा प्रभावित

जिले की सुरनकोट तहसील में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। यहां कई घर भूस्खलन की चपेट में आ गए। प्रशासन, पुलिस और सेना की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं।

लोअर मड़ा गांव में भूस्खलन से एक मकान मलबे में दब गया। इस हादसे में मकान मालिक मोहम्मद लतीफ और उनके परिवार के पांच अन्य सदस्य लापता हो गए। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान मलबे से आठ शव बरामद किए गए हैं।

कई गांवों में मौत और तबाही
संगलेयानी गांव में मकान गिरने से 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई। वहीं मरहोट गांव में इरम नाम की नाबालिग लड़की तेज बहाव वाले नाले में बह गई और उसकी मौत हो गई। धुंधक लठूंग पुल के पास एक नाले से एक अज्ञात महिला का शव बरामद किया गया है।

पुंछ के नूनाबांडी गांव में भी भारी बारिश के कारण एक मकान गिर गया, जिसमें 28 वर्षीय नाजिया कौसर की मौत हो गई। उनके पति मोहम्मद हफीज और दो से छह वर्ष की उम्र के तीन बच्चों को घायल अवस्था में बचाया गया। सभी घायलों को राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल पहुंचाया गया है।

और पढ़े  जंगलों में छिपे आतंकियों की शामत: सुरक्षाबलों ने सितंबर में 5 पाकिस्तानी दहशतगर्दों को किया ढेर, 32 की तलाश

 

 

मड़ा गांव में रेस्क्यू ऑपरेशन तेज
सुरनकोट तहसील के मड़ा गांव में क्षतिग्रस्त मकान से शवों को निकालने का काम जारी है। अधिकारियों के अनुसार, मलबे से आठ शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि गांव में अभी भी छह लोगों के लापता होने की सूचना है।

प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में बचाव दल तैनात कर दिए हैं। फंसे हुए लोगों को निकालने, मलबा हटाने और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने का काम तेजी से किया जा रहा है।

डीसी और एसएसपी ने संभाली स्थिति
पुंछ के उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शफकत हुसैन ने घटनास्थलों का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया।

प्रशासन, पुलिस और सेना की संयुक्त टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में अभियान चला रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है।

प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें। भारी बारिश के कारण जिले के कई इलाकों में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

  • Related Posts

    जम्मू: बर्फीले इलाकों में जनगणना का पहला पड़ाव पार, लद्दाख की उपलब्धि, किश्तवाड़ देश का पहला स्नो-बाउंड जिला

    जनगणना-2027 के तहत जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में जनसंख्या गणना का पहला चरण पूरा हो गया है। दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 5,292 एन्यूमरेशन ब्लॉकों में…

    सेब होगा महंगा- इस बार 40 फीसदी कम हुई पैदावार, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में खेती पर मौसम की मार

    सेब इस बार महंगा बिकेगा। देश के दो शीर्ष उत्पादक राज्यों जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में सेब की पैदावार तेजी से घटी है। हिमाचल में पिछले साल के 4.07 लाख टन…