चमोली जिले के कर्णप्रयाग में निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के विवाद के बाद तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। चंडीगढ़ से हिमाचल के रास्ते उत्तराखंड के लिए कूच कर रहे करीब 200 निहंगों को पुलिस-प्रशासन ने कुल्हाल चेक पोस्ट पर बैरियर लगाकर रोका था। इसके बाद पांवटा साहिब गुरुद्वारे में करीब दो घंटे तक प्रशासन, पुलिस और निहंग सिखों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद कुछ निहंग लौट गए, जबकि 20 से 30 निहंग कुल्हाल पुल पार कर चेकपोस्ट पर पहुंच गए, जहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया, यहां कई घंटे तक तनातनी चलती रही। इसके बाद ये निहंग बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गए। मौके पर तैनात पुलिस और आईटीबीपी के सामने ही तलवारें लहराते हुए वह देहरादून-पांवटा राजमार्ग की ओर जाने लगे। इस दौरान उन्हें रोकने के लिए पुलिस की ओर से खड़े किए गए दो डंपरों में भी उन्होंने तोड़फोड़ कर दी।
निहंगों के उत्तराखंड की सीमा में घुसने की सूचना पर शासन-प्रशासन ने जिलेेभर से पुलिस और अन्य बलों को मौके के लिए रवाना कर दिया। निहंग हेमकुंड साहिब जाने की बात पर अड़े हुए थे। साथ ही नारेबाजी कर रहे थे। वहीं, उन्हें देहरादून आने से रोकने के लिए पुलिस ने प्रेमनगर चौक पर बैरियर लगा दिया। डीएम डॉ.आशीष चौहान और एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल बड़ी संख्या में फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। रात एक बजे तक निहंग प्रेमनगर नहीं पहुंचे थे, उनकी लोकेशन पुलिस को भी नहीं पता थी।
दर्ज प्राथमिकी वापस लें
जत्थे की अगुवाई कर रहे निहंग सिख जसदीप सिंह ज्ञानी ने कहा कि उनकी मांग है कि चारों निहंग सिखों पर दर्ज प्राथमिकी को वापस लिया जाए, गलती उनकी नहीं पर वह माफी भी मांगने को तैयार हैं।






