कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा देहरादून पहुंचीं तो प्रदेश कार्यालय भी गुलजार हो गया। काफी समय बाद यहां पर चहल-पहल देखने को मिली। हर स्तर के कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। कार्यकर्ताओं ने आने वाले समय के लिए रणनीतियों का जिक्र और योजनाओं पर विचार-विमर्श भी किया। हालांंकि यह चहल-पहल कुछ घंटों की ही थी। प्रभारी के जाने के बाद एक बार फिर से कांग्रेस भवन में सन्नाटा दिखा।
आमतौर पर कांग्रेस भवन में कुछेक कार्यकर्ता ही दिखाई देते हैं। हाल के कुछ दिनों में अंकिता हत्याकांड के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों के बीच इक्का-दुक्का बैठकें ही कार्यालय में हुई हैं। कोई बड़ी बैठक लंबे समय से नहीं हुई है। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी आईं तो सभी स्तर के कार्यकर्ताओं को अपनी मौजूदगी दर्शानी थी।
इन कार्यकर्ताओं में भी कुछ समय के लिए जोश भर गया। प्रदेश और केंद्र सरकार को उनकी नीतियों के खिलाफ घेरने के लिए रणनीतियां बनाई गईं तो सभी ने अपने-अपने स्तर पर राय-मशविरा दिया। प्रदेश स्तर के कार्यकर्ता बैठक में मौजूद रहे तो बाहर सामान्य कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। बता दें कि प्रदेश प्रभारी ने लोकसभा चुनावों में भी अपनी सक्रियता उत्तराखंड में नहीं दिखाई थी।
सभी बैठकें मुख्य संगठन के साथ दिल्ली में ही होती थीं। ऐसे में जब वह लंबे समय बाद देहरादून आईं तो इसे 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। सभी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश प्रभारी के सामने पहुंचकर इस रणनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए हुंकार भरी। सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को लेकर भी उत्सुक नजर आए।







