जानकारी के अनुसार घटना दोपहर करीब 11 से 12 बजे के बीच की है। युवती दो बजे दून अस्पताल की इमरजेंसी पहुंची। फौरन चिकित्सक उसे इमरजेंसी ओटी में लेकर गए। उसका रक्तचाप सामान्य से बेहद कम था। ऐसे में डॉक्टर भी हार मानने लगे थे।
इसके बाद एनेस्थेटिक ने कई डोज दिए तो रक्त चाप बढ़ना शुरू हुआ। काफी देर बाद युवती की हालत ऑपरेशन करने के लायक हो पाई। मौके पर मौजूद ईएनटी विभाग के डॉक्टरों की टीम ने दो घंटे तक ऑपरेशन किया। करीब साढ़े चार बजे ऑपरेशन की प्रक्रिया पूरी हो पाई है।
वरिष्ठ ईएनटी सर्जन डॉ. बिष्ट ने बताया कि युवती के गले पर 12 सेमी लंबा, चार सेमी चौड़ा और 1.5 सेमी गहरा घाव था। उसके गले की करीब आठ नसें पूरे तरह कट गईं थी। इसके अलावा कई मांसपेशियां भी कट चुकी थीं।