करोड़ों के ट्रांसफार्मर फुंकने पर पांच बिजली अधिकारी निलंबित, आदेश के बाद भी जांच में बरती लापरवाही

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श्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने बड़े ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने के मामले में एक अधिशासी अभियंता (एक्सईएन), दो एसडीओ और दो अवर अभियंताओं (जेई) को निलंबित कर दिया है। वहीं, मुख्य अभियंता वितरण मेरठ प्रथम और अधीक्षण अभियंता वितरण मंडल मेरठ क्षेत्र प्रथम से स्पष्टीकरण मांगा गया है। एमडी ने यह कार्रवाई पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल के निर्देश पर की है। जांच में दोषी पाए जाने के बाद सभी अधिकारियों को निलंबित कर मुख्य अभियंता गजरौला के कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।

मेरठ के विभिन्न उपकेंद्रों पर पिछले कुछ समय में 10-10 एमवीए के तीन बड़े पावर ट्रांसफार्मर जलकर क्षतिग्रस्त हो गए थे। इससे न केवल राजस्व की हानि हुई बल्कि शहर की बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई। इनमें 14 जुलाई 2025 को रामलीला ग्राम उपकेंद्र पर 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुआ। 22 जनवरी 2026 को उद्योगपुरम उपकेंद्र पर 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर फुंका। वहीं 15 मार्च 2026 को सौफीपुर उपकेंद्र पर 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर खराब हुआ। इनकी कीमत कई करोड़ रुपये बताई गई है।
पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने इस पूरे प्रकरण की गोपनीय जांच के आदेश दिए थे। जांच में सामने आया कि गर्मी का सीजन शुरू होने से पहले चलाए गए एक महीने के विशेष अनुरक्षण (मेंटेनेंस) अभियान के बावजूद इन ट्रांसफार्मरों की देखरेख और जांच सही तरीके से नहीं की गई। वहीं अक्तूबर 2025 में एक महीने का अनुरक्षण माह अभियान चलाया गया था।

आरोप है कि इन अभियंताओं ने देखभाल व जांच में लापरवाही बरती, जिसके चलते ट्रांसफार्मर फुंक गए। पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष आशीष गोयल की सख्ती पर यह कड़ी कार्रवाई की गई। अध्यक्ष ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि उच्च अधिकारियों (मुख्य अभियंता व अधीक्षण अभियंता) ने केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर पेनल्टी लगाकर खानापूर्ति कर दी थी। अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद ही प्रबंध निदेशक ने यह बड़ी कार्रवाई की है।

इन अधिकारियों पर गिरी निलंबन की गाज
विपिन कुमार – अधिशासी अभियंता
विशाल सिंह – एसडीओ, उद्योगपुरम उपकेंद्र
विद्यासागर – एसडीओ, सौफीपुर उपकेंद्र
सतीश चंद्र चौधरी – अवर अभियंता
अनुराग प्रताप – अवर अभियंता
इसके अतिरिक्त मुख्य अभियंता (वितरण) मुनीश चोपड़ा और अधीक्षण अभियंता (नगर) मोहम्मद अरशद की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं जिनसे लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।

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