चंपावत: लुप्त श्रेणी की महाशीर मछली के साथ क्रूरता,मत्स्य विभाग में मची खलबली

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राज्य स्थापना दिवस पर एंगलिंग के परमिट की आड़ में राजस्थान के पर्यटक की ओर से लुप्त श्रेणी की महाशीर मछली के साथ क्रूरता करने का वीडियो सामने आने से प्रशासन और मत्स्य विभाग में खलबली मची है। एंगलिंग परमिट निर्गत करने के लिए अधिकृत महिला मंगल दल ने वन विभाग को आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर भेजी लेकिन बूम वन रेंज की ओर से रिसीव न करने पर मत्स्य विभाग को भेज दी गई।

काली नदी में विश्वभर से चूका क्षेत्र में एंगलिंग के लिए पर्यटक आते हैं। चूका क्षेत्र में एंगलिंग बीटों में मत्स्य विभाग की ओर से महिला मंगल दल कालीगूंठ पूर्णागिरि को एंगलिंग परमिट निर्गत करने के लिए अनुमति देने का लाइसेंस दिया गया है। दो दिन से एंगलिंग के नाम पर महाशीर मछली के साथ अशोभनीय व्यवहार और उसे जल में जीवित न छोड़ने का वीडियो सामने आते ही मत्स्य विभाग हरकत में आया। प्रशासन के भी संज्ञान में भी वीडियो आया है।

 

 

मत्स्य विभाग के जिला प्रभारी कुंवर सिंह बगड़वाल ने बताया कि महिला मंगल दल कालीगूंठ की अध्यक्ष पूजा और ईश्वरी देवी ने अवगत कराया है कि उनकी ओर से वन क्षेत्राधिकारी बूम वन रेंज को तहरीर भेजकर कार्रवाई का आग्रह किया गया है। तहरीर में कहा है कि उनके एंगलिंग बीट के लाइसेंस के अधिग्रहीत क्षेत्र में नौ नवंबर को आरोपी आसिफ रजा खान ने एंगलिंग का परमिट लिया था। वह अपने कुछ साथियों के साथ चूका में एंगलिंग करने लगा। आरोपी और उसके साथियों का एक वीडियो प्रकाश में आया। इसमें वह संरक्षित प्रजाति की महावीर मछली के साथ अशोभनीय व्यवहार करते दिख रहे हैं और मछली को जिंदा जल क्षेत्र में न छोड़कर मार रहे हैं।

 

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जनपद मत्स्य प्रभारी ने बताया कि तहरीर मिल गई है, वन विभाग को दी जा रही है। इधर एसडीएम आकोश जोशी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है।

एंगलिंग परमिट जारी करने की अनुमति भी अगले आदेश तक निरस्त
इस वीडियो के वायरल होने के बाद एंगलिंग परमिट जारी करने की अनुमति भी अगले आदेश तक निरस्त कर दी गई है। जिला मत्स्य प्रभारी कुंवर सिंह ने बताया कि महिला मंगल दल कालीगूंठ को पत्र भेजकर कहा गया है कि मंगल दल को आवंटित बीट संख्या 07 सीमा से चूका तक में पाया गया है कि पर्यटकों की ओर से शिकार के लिए प्रतिबंधित महाशीर मछली को मारा जा रहा है। साथ ही गोल्डन महाशीर के साथ अशोभनीय व्यवहार किया जा रहा है। जानकारी के आधार पर नौ नवंबर को परमिट संख्या 2417 आरोपी आसिफ रजा खान निवासी जयपुर राजस्थान के नाम से लाइसेंस निर्गत हुआ है। जो अत्यंत खेदजनक है। आदेश दिया गया है कि मंगल दल को एंगलिंग परमिट निर्गत किए जाने की अनुमति अगले आदेश तक निरस्त की जाती है। साथ ही आरोपी आसिफ रजा खान को भी जनपद चंपावत में एंगलिंग के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जाता है।

लुप्त श्रेणी में शामिल है महाशीर
महाशीर मछली लुप्त श्रेणी की रेड बुक में दर्ज है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लुप्त श्रेणी में शामिल है। इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर ने वर्ष 2018 में रेड बुक में शामिल किया था। यह हिमालयी नदी काली में भी पाई जाती है। इसके लिए जिले भी मत्स्य आखेट के लिए महाकाली नदी के संगम पंचेश्वर में देश-विदेश से आखेटक हिस्सा लेते हैं। मछली को पकड़कर सुरक्षित नदी में छोड़ दिया जाता है। इससे पंचेश्वर और टनकपुर तक चूका होते हुए क्षेत्र विश्व पर्यटन के मानचित्र में आया है।

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