Cough Syrup: बच्चों की मौत के जिम्मेदार ‘कोल्ड्रिफ’ के मालिक रंगनाथन परासिया कोर्ट में पेश,सख्त पहरा

Spread the love

 

 

ध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप से 23 बच्चों की मौत के मामले में चेन्नई से गिरफ्तार दवा कंपनी श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के मालिक गोविंदन रंगनाथन को एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया। रंगनाथन को छिंदवाड़ा जिले के परासिया के कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान कोर्ट परिसर के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा रहा। इससे पहले रंगनाथन को चेन्नई से नागपुर तक मध्य प्रदेश एसआईटी की टीम फ्लाइट से लेकर पहुंची। नागपुर एयरपोर्ट से सुबह करीब 7 बजे कड़ी पुलिस सुरक्षा में रंगनाथन को कार से छिंदवाड़ा लाया गया।

नागपुर से गाड़ियों के काफिले के बीच रंगनाथन को छिंदवाड़ा लाया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार दवा कंपनी के मालिक को पुलिस रिमांड पर लेने के लिए अदालत से दरख्वास्त की जाएगी। हिरासत में लेकर रंगनाथन से जहरीले कफ सिरप को लेकर विभिन्न एंगल से पूछताछ की जाएगी। इस दौरान पूछा जाएगा कि कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने में किस प्रकार अनियमितता की गई। इसके साथ ही मध्य प्रदेश में इस जहरीले कफ सिरप को बेचने के लिए किन-किन लोगों का सहारा लिया गया।
23 हुई मृतकों की संख्या
जहरीली कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौत का आंकड़ा 23 तक पहुंच गया है। गुरुवार को मोरडोगरी परासिया निवासी एक साल के गर्विक पवार की नागपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके साथ ही छिंदवाड़ा में मरने वाले बच्चों की संख्या 20 हो गई है। इसके अलावा दो बैतूल में और एक पांढुर्ना में भी मौत हो चुकी है। कुल मिलाकर मप्र में 23 बच्चों की मौत हो चुकी है। उधर दो बच्चों की जानकारी भी सामने आ रही है, पर प्रशासन पुष्टि नहीं कर रहा है।

और पढ़े  Today Weather: मध्यप्रदेश में झमाझम का दौर, 14 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, अगले 3 दिन बरसेंगे बादल

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश और राजस्थान में कथित रूप से जहरीली खांसी की सिरप से बच्चों की मौत के मामलों पर सीबीआई जांच और देशभर में दवा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग करने वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई, न्यायमूर्ति उज्जल भूयान और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने वकील विशाल तिवारी द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया। शुरुआत में पीठ नोटिस जारी करने के पक्ष में थी, लेकिन बाद में विचार कर याचिका खारिज कर दी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता अखबार पढ़कर सीधे अदालत पहुंच जाते हैं। मेहता ने कहा कि वह किसी राज्य की ओर से पेश नहीं हो रहे हैं, लेकिन तमिलनाडु और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों ने इस मामले में गंभीर कदम उठाए हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों में दवा कानूनों को लागू करने की उचित व्यवस्था पहले से मौजूद है।


Spread the love
  • Related Posts

    MP- दर्दनाक हादसा: खड़े ट्रक में जा घुसी तेज रफ्तार कार, तीन लोगों की मौत, नौ घायल

    Spread the love

    Spread the loveबैतूल जिले के मुलताई फोरलेन पर शनिवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोगों की जान चली गई, जबकि नौ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।…


    Spread the love

    लाड़ली बहना योजना- रक्षाबंधन पर CM का मोहन बड़ा तोहफा, लाड़ली बहनों के खाते में आज आएंगे 1750 रुपये

    Spread the love

    Spread the loveमध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 19 अगस्त को मैहर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में लाड़ली बहना योजना की राशि महिलाओं के खातों में ट्रांसफर करेंगे। मुख्यमंत्री…


    Spread the love