आज सदन में 9.12 लाख करोड़ का बजट पेश किया। इसमें निवेश, रोजगार, बुनियादी विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर फोकस किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर विशे। ध्यान रखा गया है। पढ़ें अपडेट…
2017 से पहले प्रदेश में सुरक्षा का वातावरण नहीं था- सीएम
सीएम योगी ने आगे कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में सुरक्षा का वातावरण नहीं था। पर्यटन की कोई ठीक व्यवस्था नहीं थी। आज करोड़ों लोग आकर यूपी में धार्मिक स्थलों पर दर्शन करते हैं। 50 हजार नए होम स्टे की दिशा में काम करेंगे। चिकित्सा के क्षेत्र में यूपी ने काफी ग्रोथ की है। पीएम आयुष्मान योजना से पांच करोड़ से ज्यादा गोल्डन कार्ड यूपी के लोगों को दिए गए। दिव्यांग छात्राओं को लिए ई-ट्राईसाइकिल की व्यवस्था की गई है। आज यूपी देश के ग्रोथ इंजन के रूप में आगे बढ़ रहा है।
महिला सुरक्षा बल 13 से बढ़कर 36 फीसदी हुआ- सीएम
महिलाओं की सुरक्षा के लिए ईक्यूब के रूप में महिला सुरक्षा बल 13 फीसदी से बढ़कर 36 फीसदी हुआ है। महिलाओं के लिए क्रेडिट कार्ड योजना चलाई जाएगी। ताकि वह छोटे-छोटे काम के लिए किसी से ऋण न लेना पड़े और उन्हें ब्याजमुक्त ऋण मिल सके। इसके लिए बजट की व्यवस्था की गई है। युवाओं को ध्यान में रखते हुए सभी 18 कमिश्नरी में स्पोर्ट कॉलेज बनाए जाएंगे। इसके लिए बजट में धनराशि की व्यवस्था है। हर ग्राम पंचायत स्तर पर ओपन जिम, मिनी स्टेडियम, खेलो इंडिया के कार्यक्रम आगे बढ़ा रहे हैं।
चीनी मिलों की क्षमता विकसित होगी- सीएम
उन्होंने कहा कि चार चीनी मिलों की क्षमता विकसित करने के प्रावधान किए गए हैं। अवस्थापना और औद्योगिक विकास के लिए बजट की व्यवस्था की गई है। गंगा एक्सप्रेसवे को बढ़ाने के लिए घोषणा हुई है। युवाओं को डिजिटली सशक्त बनाने के लिए टैबलेट देने की व्यवस्था की गई है। एआई मिशन. डाटा सेंटर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस समेत आईटी सेक्टर में कई घोषणाएं की गई हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में स्मार्ट विद्यालय, अटल आवासीय विद्यालय चल रहे हैं। साथ ही सीएम आवासीय विद्यालयों के लिए बजट में हमने व्यवस्था की है। परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों समेत उच्चतर विद्यालयों के शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज की व्यवस्था की है।
अन्नदाता केवल लाभार्थी नहीं विकास का आधार
सीएम ने कहा कि अन्नदाता किसान देश की अर्थव्यवस्था ओर उसके विकास की धुरी हैं। अन्नदाता केवल लाभार्थी नहीं विकास का आधार हैं। अन्नदाता से उन्हें उद्यमी बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। बजट में इसका प्रावधान है। हम ट्यूबवेलों को फ्री बिजली दे रहे हैं। किसान को कुसुम योजना का भी लाभ दिलाएंगे। गन्ना के साथ दलहनी और तिलहनी यानी सहफसली खेती की ओर आगे बढ़ेंगे। इससे और लाभ होगा। इसके लिए हमने बजट में प्रावधान किया है।
नोएडा एयरपोर्ट को विकसित करने की योजना बनाई है। एआई के प्रयोग की घोषणा की गई है। अन्न भंडारण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है। बड़े-बड़े गोदाम बनें, इसके लिए सब्सिडी देंगे। पशुओं के स्वास्थ्य के लिए बीमा होगा। बीमा राशि का 50 फीसदी तक प्रीमियम सरकार देगी।
रोजगार जनरेटर के रूप में बढ़ेगा यूपी
सीएम ने कहा कि बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया। 9 साल में यूपी के लोगों की राय बदली है। युवाओं की ग्रोथ उनके रोजगार को लेकर हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है। एमएसएमई, कौशल विकाश के साथ रोजगार जनरेटर के रूप में यूपी का बढ़ना तय है। हम जन विश्वास सिद्धांत के रूप में आगे बढ़ रहे हैं। निवेशकों को सिंगल विंडो सुविधा दी जा रही है। हमने इज आफ डूइंग में अच्छा किया है। इसके लिए रूल आप लॉ रियल ग्रोथ की गांरटी है। आज यूपी सुरक्षा की गारंटी दे रहा है।
9 वर्ष के नवनिर्माण की गाथा को दर्शाता है बजट -सीएम योगी
बजट पर सीएम योगी ने कहा कि यह बजट यूपी के 9 वर्ष के नवनिर्माण की गाथा को दर्शाता है। पहली बार किसी सरकार ने लगातार 10 बजट पेश किए। इन 9 वर्षों में प्रदेश में कोई कर नहीं लगाया गया। बिना अतिरक्त टैक्स लगाए विकास के नित नए सोपान गढ़े गए। यूपी ने अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत किया। आज हम देश की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में एक हैं। यह बजट किसान, युवा और महिला का बजट है। बीमारू राज्य से निकालकर देश के सामने रेवेन्यू प्लस राज्य के रूप में प्रस्तुत करने में सफलता प्राप्त की है।
वित्त मंत्री ने बजट एवं योजनाओं का विवरण बताया
UP Budget 2026: अंत में वित्त मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट एवं उसमें सम्मिलित योजनाओं का विवरण सदन में प्रस्तुत किया।
- वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए प्रस्तुत बजट का आकार 9,12,696.35 करोड़ रुपये (09 लाख 12 हजार 696 करोड़ 35 लाख रुपये) है, जो वित्तीय वर्ष 2025-2026 की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है। इस बजट में पूंजीगत परिव्यय 19.5 प्रतिशत है।
- शिक्षा तथा चिकित्सा हेतु आवंटन कुल बजट का क्रमशः 12.4 प्रतिशत एवं 6 प्रतिशत है। कृषि और सम्बद्ध सेवाओं के लिए आवंटन कुल बजट का 9 प्रतिशत है।
- 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की संस्तुतियों जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार किया गया है, के क्रम में वित्तीय वर्ष 2026-2027 में राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत रखी गई है जो वर्ष 2030-2031 तक लागू रहेगी।
- राज्य सरकार सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन एवं ऋण नियंत्रण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। कार्यभार ग्रहण करने पर वर्ष 2016-17 में 29.3 प्रतिशत की ऋण जीएसडीपी कि अर्थव्यवस्था विरासत में मिली थी, जिसे हमारी सरकार ने वर्ष 2019-20 तक घटाकर 27.9 प्रतिशत कर दिया था। परंतु, कोविड-19 महामारी के अभूतपूर्व आर्थिक प्रभाव के कारण यह अनुपात बढ़कर वर्ष 2021-22 में 33.4 प्रतिशत हो गया।
जीएसडीपी अनुपात कम करने का लक्ष्य
वित्त मंत्री ने कहा कि सुनियोजित राजकोषीय प्रबन्धन के परिणामस्वरूप वर्ष 2024-25 में ऋण-जीएसडीपी अनुपात को पुनः घटाकर 27 प्रतिशत से नीचे लाया जा चुका है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसे और कम कर 23.1 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य है। इतना ही नहीं, बजट के साथ प्रस्तुत मध्यकालीन राजकोषीय नीति में राज्य सरकार इसे चरणबद्ध रूप से 20 प्रतिशत से नीचे लाने के लिए दृढ़ संकल्पित है, जिससे राज्य की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता एवं सतत विकास सुनिश्चित हो सके।
मजदूरों के लिए लेबर अड्डे बनेंगे
अपने घर, गांव से दूर शहरों में काम करने वाले मजदूरों के लिए लेबर अड्डों का निर्माण कराया जाएगा। एक्स-ग्रेशिया अनुदान के अंतर्गत दिनांक 26.08.2021 से दिनांक 31.03.2022 तक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित श्रमिकों की किसी दुर्घटना में मृत्यु अथवा पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में 2 लाख रुपये तथा आंशिक दिव्यांगता पर 01 लाख रुपये का भुगतान किया जा रहा है। प्रदेश में प्रथम बार निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण और स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करने हेतु मोबाइल हेल्थ वैन का संचालन पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में किया गया। रोजगार के इच्छुक अभ्यर्थियों/श्रमिकों को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का गठन किया गया है।








