शाहजहाँपुर: के गंगा एक्सप्रेसवे जलालाबाद परशुरामपुरी में आज़ आ रहे हैं, सीएम योगी आदित्यनाथ

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गंगा एक्सप्रेस-वे पर वायुसेना उतारेगी लड़ाकू विमान, हवाई पट्टी के दोनों ओर सुरक्षा के लिए किए गए तगड़े बंदोबस्त ।

27 अप्रैल के बाद इसे वायुसेना के अधिकारियों के हैंडओवर कर दिया जाएगा।

जिसके बाद दो मई को गंगा एक्सप्रेसवे पर उतरेंगे लड़ाकू विमान, साथ ही आपातकालीन लैंडिंग के लिए करेंगे अभ्यास

गंग एक्सप्रेसवे पर बनी हवाई पट्टी का निर्माण कार्य हुआ पूरा

गंगा एक्सप्रेसवे पर गांव चमरपुर कलां से खंडहर गांव के बीच पांच किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी का निर्माण किया गया है। इसमें साढ़े तीन किलोमीटर का रनवे शामिल है। 36 मीटर चौड़ी यह हवाई पट्टी सीमेंट और कंक्रीट से बनी है। इसके दोनों ओर 10-10 फुट अतिरिक्त जमीन भी अधिग्रहित की गई है, जिससे आपात स्थिति में वाहनों का संचालन आसान हो सकेगा। 27 अप्रैल से इस एयर स्ट्रिप को एयरफोर्स अपने कंट्रोल में लेकर इस पर लैंडिंग पूर्वाभ्यास की तैयारियों को पूरा करायेगा।

J&k के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर, गंगा एक्सप्रेसवे की हवाई पट्टी पर एमरजेंसी विमान लैंडिंग को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यहां पहुंचने का कार्यक्रम फाइनल हो गया है। मुख्यमंत्री 27 अप्रैल को आज़ यहां निरीक्षण के लिए आ रहे हैं।

भारतीय वायु सेना द्वारा पांच मई तक गंगा एक्सप्रेसवे के जलालाबाद सेक्शन पर आपातकालीन लैंडिंग सुविधा का अभ्यास किया जायेगा। इस दौरान भारतीय वायु सेना के विभिन्न विमान दिन और रात के समय उड़ान भरेंगे। इस अभ्यास के तहत क्षेत्र के सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गंगा एक्सप्रेसवे के जलालाबाद सेक्शन के ग्राम चमरपुर कलां, पीरू, दियुरा, भदोखर, खूटा, नगला तालुका खंडहर और इसके पांच किलोमीटर की परिधि को नो फ्लाइंग जोन घोषित कर दिया गया है।

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गंगा एक्सप्रेस-वे पर अगले माह होने वाली होने वाली लड़ाकू विमानों की ट्रायल लैंडिंग को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। हवाई पट्टी के दोनों ओर सर्विस लेन पर बल्लियों के साथ छाया जाली लगाकर अवरोधक बनाने का काम किया जा रहा है।

27 अप्रैल तक इसे पूरा कराने के साथ ही वायुसेना के अधिकारियों के हैंडओवर कर दिया जाएगा।

मेरठ से प्रयागराज को जोड़ रहे गंगा एक्सप्रेस-वे पर दो व तीन मई को वायुसेना अपने लड़ाकू विमान उतारेगी। इसके लिए बरेली से वायुसेना के अधिकारियों ने यहां आकर निरीक्षण कर चुके हैं। उन्होंने प्रशासन व कार्यदायी संस्था एचजी इंफ्रा के अधिकारियों को लैंडिंग के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से पांच किमी की लंबाई में दोनों ओर बनी सर्विस रोड पर स्टील की बैरिकेडिंग कराने के लिए कहा था ताकि कोई भी व्यक्ति या पशु लैंडिंग के दौरान हवाई पट्टी पर न आ सके, लेकिन समय की कमी को देखते हुए कार्यदायी संस्था एचजी इंफ्रा ने फिलहाल बल्लियों व छाया जाली के साथ पांच से छह फीट ऊंची बैरिकेडिंग की जा रही है। ताकि लैंडिंग के दिन पट्टी पर किसी तरह की आवाजाही न हो सके। दायीं ओर दो किमी की लंबाई में यह काम हो चुका है। 27 अप्रैल तक इसे पूरा कराया जाना है।


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