चारधाम यात्रा सख्त होगी:- CM धामी ने कहा- श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि चारधाम में श्रद्धालुओं की संख्या के अनुरूप दर्शन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) में सख्त प्रावधान किए जाएं। रात 10 बजे से सुबह चार बजे तक यात्रा मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पर रोक का सख्ती से पालन करें।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा प्रबंधन का मूल मंत्र सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन व सतत संवाद होना चाहिए। बेहतर समन्वय, प्रभावी संवाद व सुव्यवस्थित प्रबंधन से यात्रा को और अधिक सुरक्षित एवं सफल बनाया जा सकता है। यात्रा मार्गों पर ट्रकों एवं अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े भारी वाहनों को ही रात के समय चलने की अनुमति दी जाए। दिन के समय बड़े वाहनों का संचालन प्रतिबंधित रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी धाम या पड़ाव पर निर्धारित क्षमता से अधिक भीड़ होने पर होल्डिंग एरिया व प्रमुख चेक प्वाइंट्स पर वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए। भीड़ प्रबंधन के लिए चरणबद्ध व्यवस्था अपनाते हुए यात्रियों को आगे भेजा जाए, जिससे धामों में अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर श्रद्धालुओं को रोका या ठहराया जा रहा है, वहां पार्किंग, भोजन, पेयजल, शौचालय व अन्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। यात्रियों को किसी भी परिस्थिति में सूचना के अभाव का सामना नहीं करना पड़े।

 

यात्रा का दूसरा चरण चुनौतीपूर्ण
सीएम ने कहा, अब यात्रा दूसरे और अधिक चुनौतीपूर्ण चरण में प्रवेश कर रही है, जहां मानसून एवं प्रतिकूल मौसम प्रमुख चुनौती होगा। ऐसे में यात्रा प्रबंधन को और अधिक सतर्कता, नियंत्रण तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ संचालित किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं से प्राप्त फीडबैक, शिकायतों एवं सुझावों की दैनिक समीक्षा करने तथा आवश्यकतानुसार तत्काल सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संवेदनशील स्थलों पर जेसीबी, पोकलैंड मशीनें, सैटेलाइट फोन, एंबुलेंस, राहत-बचाव उपकरणों की अग्रिम व्यवस्था की जाए।

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आयुक्त व आईजी करेंगे नियमित समीक्षा
मुख्यमंत्री ने गढ़वाल आयुक्त व आईजी गढ़वाल को चारधाम यात्रा की सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने के साथ श्रद्धालुओं व स्थानीय नागरिकों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। यात्रा से जुड़े सभी जिलों के जिलाधिकारियों व पुलिस अधीक्षकों को यात्रा व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करेंगे। यात्रा मार्गों पर संचालित होटल, रेस्टोरेंट व ढाबों में मूल्य सूची को अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।

यात्रा मार्गों पर स्वच्छता को प्राथमिकता
बैठक में मुख्यमंत्री ने चारधाम व पैदल यात्रा मार्गों पर स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। कहा, गंभीर मरीजों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने के लिए हेली एंबुलेंस सेवा के लिए राज्य स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें। केदारनाथ पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में शेड स्थापित करने व वर्षा, धूप से बचाव की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

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