दर्जनभर एजेंसियां दबाव में
सफाई, सीवरेज-ड्रेनेज और अन्य व्यवस्थाओं में करीब एक दर्जन एजेंसियां काम कर रही हैं। बताया जा रहा है कि बीवीजी के कर्मचारियों का अप्रैल से जुलाई तक का वेतन बकाया है। वहीं यूनी पॉइंट और जिलाजीत एजेंसियों के कर्मचारियों का मई से जुलाई तक का वेतन लंबित है। भुगतान में देरी से एजेंसियों पर आर्थिक दवाव लगातार बढ़ रहा है। बता दें कि ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफे के बाद नई व्यवस्था लागू हुई है।
पांच सितंबर तक बढ़ी आरोपियों की न्यायिक अभिरक्षा
राम मंदिर चढ़ावा धनराशि चोरी के मामले में जेल में निरुद्ध सभी आठ आरोपियों की न्यायिक अभिरक्षा पांच सितंबर तक बढ़ा दी गई है। शनिवार को सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट में पेश किया गया। अभियोजन पक्ष की मांग पर विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट रजत वर्मा ने न्यायिक अभिरक्षा रिमांड बढ़ाने का आदेश दिया।
मामले में आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्रा को 25 जून को गिरफ्तार किया गया था।
पेंशन खाते की सत्यापन रिपोर्ट अदालत में दाखिल
आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पेंशन बैंक खाते से जुड़े मामले में शनिवार को उसकी ओर से महत्वपूर्ण दस्तावेज अदालत में दाखिल किए गए। लीगल एड डिफेंस कौंसिल के डिप्टी चीफ कुलशेखर सिंह ने उच्च न्यायालय की विधि व्यवस्था से संबंधित कागजात के साथ बैंक की सत्यापन रिपोर्ट भी अदालत में प्रस्तुत की। न्यायाधीश रजत वर्मा ने अभियोजन पक्ष को 25 अगस्त से पहले आरोपी की ओर से दाखिल दस्तावेजों पर पक्ष रखने का निर्देश दिया है। आदेश 25 अगस्त को आने की संभावना है।
अधिवक्ता संघ की याचिका पर टली सुनवाई
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की विवेचना अदालत की निगरानी में कराए जाने की मांग को लेकर अधिवक्ता संघ की ओर से दाखिल मॉनिटरिंग प्रार्थना पत्र पर शनिवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रार्थना पत्र पर आपत्ति दाखिल करने के लिए अदालत से समय मांगा गया।
विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट रजत वर्मा ने अभियोजन अधिकारी की मांग स्वीकार करते हुए आपत्ति दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया है। मामले में अगली सुनवाई के लिए 29 अगस्त की तारीख तय की गई है।
अधिवक्ता संघ के महामंत्री शैलेंद्र जायसवाल की ओर से दाखिल मॉनिटरिंग प्रार्थना पत्र में राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव रहे चंपत राय, ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा और गोपाल राव की भूमिका की भी जांच किए जाने की मांग की गई है।
अदालत ने पूर्व में अभियोजन पक्ष को अधिवक्ता संघ के प्रार्थना पत्र की पोषणीयता पर आपत्ति दाखिल करने का निर्देश दिया था। शनिवार को विशेष अभियोजन अधिकारी ने आपत्ति प्रस्तुत करने के लिए और समय मांगा, जिस पर अदालत ने अंतिम अवसर देते हुए 29 अगस्त को सुनवाई निर्धारित कर दी।