विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना में हुए हादसे में एक ऑपरेटर और एक फोरमैन बाल-बाल बच गए। सिवाई गांव के सुखदेव सिंह की जान इसलिए बची क्योंकि उनकी कंक्रीट पंप मशीन सही तरीके से काम नहीं कर रही थी। ऐसे में वह एक अन्य साथी के साथ चाय पीने चले गए। अगर मशीन काम कर रही होती तो शायद वह दोनों भी हादसे का शिकार हो गए होते।
चाय पीते-पीते ही हादसा हो गया जिससे कुलदीप भी टनल में जाने से बच गए। सुखदेव सिंह के अनुसार हादसे का पता तब चला जब मलबा और पानी टनल में बहने लगा। इसके बाद परियोजना में काम कर रहे सभी लोग बिना प्रशासन के इंतजार के ही तुरंत बचाव कार्य में जुट गए। उन्होंने बताया कि घायलों को काफी चोटें आई हैं।






