भारत और कनाडा के रिश्तों में लंबे समय से चली आ रही तनातनी के बीच अब सुधार के संकेत नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद आज से भारत यात्रा पर आ रही हैं। इस यात्रा के दौरान वह द्विपक्षीय व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा के क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग की रूपरेखा तय करने को लेकर वार्ता करेंगी। अधिकारियों ने बताया कि कनाडा की मंत्री, विदेश मंत्री एस जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ व्यापक चर्चा करेंगी। रविवार से शुरू हो रही आनंद की यात्रा का पहला पड़ाव दिल्ली होगा। 12 से 17 अक्तूबर के दौरान वह भारत के अलावा सिंगापुर और चीन के दौरे पर भी जाएंगी।
ट्रूडो के जाने के बाद रिश्तों में बदलाव की उम्मीद
बता दें कि अनीता आनंद को इस महीने की शुरुआत में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की नई कैबिनेट में विदेश मंत्री नियुक्त किया गया। कार्नी की पार्टी ने हाल ही में हुए चुनावों में जीत दर्ज की थी। अनीता आनंद पहले कनाडा की रक्षा मंत्री और विज्ञान मंत्री जैसे पदों पर काम कर चुकी हैं।
भारत-कनाडा रिश्ता में गिरावट कैसे?
भारत और कनाडा के रिश्ते तब बिगड़ गए थे जब सितंबर 2023 में प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था। भारत ने इन आरोपों को “बेबुनियाद और गलत”बताया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों में गिरावट आई और एक-दूसरे के कई राजनयिकों को देश छोड़ने के लिए कहा गया।
अब ट्रूडो के सत्ता से बाहर होने और अनीता आनंद के विदेश मंत्री बनने के बाद दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने की उम्मीद जताई जा रही है। भारत पहले ही कह चुका है कि वह कनाडा के साथ विश्वास और संवेदनशीलता के आधार पर रिश्ते फिर से बनाने को तैयार है।








