बंपर मतदान- बंगाल में बंपर वोटिंग, 92% से अधिक मतदान, तमिलनाडु में भी सर्वाधिक वोटिंग

लोकतंत्र के महापर्व में आज पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में वोट डाले गए। पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 152 सीटों पर मतदान कराए गए। तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर एक ही चरण में वोट डाले गए। शाम छह बजे आधिकारिक रूप से मतदान समाप्त हो गया। निर्वाचन आयोग की तरफ से मतदान प्रतिशत के आधिकारिक और अंतिम आंकड़े जारी किए जाने बाकी हैं।

 

 

रात 10.10 बजे तक कहां पहुंचा मतदान प्रतिशत

वोटर टर्नआउट एप पर गुरुवार रात 10.10 बजे तक जारी मतदान प्रतिशत के आंकड़ों के मुताबिक बंगाल में पहले चरण के मतदान के दौरान 92.64 फीसदी वोटिंग हुई है।  तमिलनाडु में 85.13 फीसदी मतदान हुआ है। मतदान प्रतिशत के आंकड़ों में बदलाव संभव है।

शांतिपूर्ण रहा पहला चरण, शिकायतें भी कम: चुनाव आयोग

चुनाव आयोग के विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्त ने बताया कि पश्चिम बंगाल में पहले चरण के चुनाव में बड़े स्तर पर किसी हिंसा की खबर नहीं मिली। कुछ छिटपुट घटनाएं जरूर सामने आईं, लेकिन वे पिछले चुनावों की तुलना में बेहद कम रहीं। स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए हर बूथ पर सीआरपीएफ की तैनाती और गश्त जारी रही।

आयोग के अनुसार, अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कंट्रोल रूम में आने वाली हर शिकायत की जांच कर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। मैदान में करीब 200 माइक्रो-ऑब्जर्वर तैनात हैं, जो ईवीएम या किसी भी गड़बड़ी की सूचना मिलते ही तुरंत पीठासीन अधिकारियों को सक्रिय कर रहे हैं।

4 मई को परिणाम नहीं परिवर्तन आएगा: पीएम मोदी

पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान में बंपर वोटिंग पर पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा पर भरोसा बढ़ा है और तृणमूल कांग्रेस का भय का शासन पराजित हो रहा है। बंगाल में 4 मई को परिणाम नहीं, परिवर्तन आने वाला है। मैं साफ देख रहा हूं बंगाल में इस बार परिवर्तन की कमान बंगाल की बहनों ने संभाल रखी है क्योंकि निर्मम सरकार की सबसे बड़ी शिकार महिलाएं रही हैं। भारी मतदान बदलाव का संकेत दे रहा है। राज्य में मतदान का माहौल बदला हुआ है। भय जा रहा है, भरोसा आ रहा है।

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उन्होंने आगे कहा कि जनता समझ चुकी है कि यह उनके अधिकार और पहचान बचाने की लड़ाई है। इसलिए लोग बड़ी संख्या में तृणमूल कांग्रेस के समर्थन में मतदान कर रहे हैं। ममता ने आरोप लगाया कि अगर तृणमूल को वोट नहीं मिला तो लोगों के अधिकार, संपत्ति और पहचान खतरे में पड़ सकते हैं। उन्होंने परिसीमन विधेयक को लेकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि लोगों का भरोसा खत्म हो रहा है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग भी की।

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