धधकते नैनीताल के जंगल..बेकाबू हुई पहाड़ में आग,चारों ओर फैला धुआं,बेबस हुआ विभाग,अब आग पर काबू पाने का ये है प्लान

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धधकते नैनीताल के जंगल..बेकाबू हुई पहाड़ में आग,चारों ओर फैला धुआं,बेबस हुआ विभाग,अब आग पर काबू पाने का ये है प्लान

जंगलों में लगी आग भीषण हो गई है। वहीं कुमाऊं में जंगल धधक रहे है। आग की घटनाएं लगातार जारी हैं। बीते 24 घंटे में एक-दो नहीं बल्कि कुमाऊं के जंगलों में 26 जगहों पर आग लगी है। प्रदेश के 31 जगहों पर आग लगने की घटना हुई है, इसमें सर्वाधिक आग लगने की घटना कुमाऊं में 26 स्थानों पर हुई। गढ़वाल मंडल में कोई भी घटना नहीं हुआ है, जबकि वन्यजीव क्षेत्र में पांच स्थानों पर आग लगने की घटनाएं हुईं। इन घटनाओं में करीब 34 हेक्टेयर क्षेत्रफल में वनसंपदा को नुकसान पहुंचा है।

इस वर्ष बारिश व बर्फबारी न होने से गर्मी अधिक होने लगी है। बढ़ते तापमान के बीच नैनीताल व आसपास के जंगलों में भीषण आग लगी हुई है। खड़ी पहाड़ियों में आग लगने के चलते वन विभाग व दमकल विभाग की टीम भी कई स्थानों पर आग पर काबू नहीं पा सकी है। जिसके चलते जंगल जलकर राख हो चुके हैं। अब आग पर काबू पाने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है।

हाईकोर्ट के आवास तक पहुंची आग
वहीं, नैनीताल के पास जंगलों में भीषण आग लगी है। आग की लपटें हाईकोर्ट के आवास तक जा पहुंची। नैनीताल भवाली रोड के पास के जंगलों में लगी आग की चपेट में जंगल का एक बड़ा हिस्सा और आईटीआई भवन आ चुका है। एफएसओ किशोर उपाध्याय ने बताया कि जंगल में आग लगाने की सूचना मिली थी, मौके पर टीम को भेजकर आग पर काबू पा लिया गया है। वन विभाग ने आग बुझाने के लिए सेना से मदद मांगी है।

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आज शनिवार को नैनीताल के जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए वायुसेना के हेलिकॉप्टर की मदद ली गई। भीमताल झील से पानी भरकर जंगलों में पानी डालने का काम करना शुरू कर दिया है।
वहीं, कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं पीके पात्रों को निर्देश दिए हैं कि वह वनाग्नि के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों में पैनी नजर रखें और जंगलों में आग लगाने वाले शरारती तत्वों पर एफआईआर दर्ज कराएं। जंगल की आग बुझाने में पीआरडी जवान और होमगार्ड भी सहयोग करेंगे।

भीमताल, बेतालघाट, ताड़ीखेत में लगी आग
पर्वतीय क्षेत्रों के जंगल में आग लगने का सिलसिला जारी है। भीमताल में पांडेछोड़ के तोक तय्या में जंगल की आग नवीन चड्ढा की भूमि पर पहुंच गई। इससे अखरोट के पौधे जलकर नष्ट हो गए। साथ ही प्लांट पर लगाए अन्य प्रजातियों के पौधे भी झुलस गए। वहीं जून स्टेट, सातताल से लगे जंगलों में भी आग लगी रही। वन विभाग और फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने में लगी रही। ताड़ीखेत ब्लॉक के चापड़ गांव के जंगल में आग से वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। देर शाम तक जंगलों में लगी आग बुझ नहीं पाई थी।

ऐसा पाया जा रहा है आग पर काबू
नैनीताल के आसपास के जंगल के क्षेत्र में लगी आग पर अब हेलीकॉप्टर की मदद से पानी डाला जा रहा है। नैनीझील और भीमताल की झील से पानी निकालकर वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से आग पर पानी बरसाया जा रहा है। जिसके चलते झील में नौकायन भी बंद है। शुक्रवार को सेना के जवानों ने हेलीकाप्टर से झील की रेकी भी की थी।

ईओ प्रशिक्षु आईएएस राहुल आनंद ने बताया कि जिलाधिकारी वंदना सिंह के आदेश पर प्रशासनिक और विभागीय अधिकारी अलर्ट हैं। विविध माध्यमों से सामंजस्य बनाकर वनाग्नि पर काबू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वायुसेना के अधिकारियों से भी बातचीत की गई।

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असहाय वन विभाग काबू नहीं कर पा रहा जंगलों की आग
कंडीसौड़ (टिहरी) में फायर सीजन में जंगलों को आग से बचाने की तैयारी में जुटे वन विभाग की तैयारियां धरी की धरी रह गई है। एक ही समय कई जगहों पर आग लगने पर विभाग असहाय नजर आ रहा है। विभागीय कर्मचारियों को सूचना देने पर वह मैन पावर की कमी का रोना रो रहे हैं। जिससे जगह-जगह जंगल धधक रहे हैं। शुक्रवार को सुबह 10 बजे सुनारगांव के सिविल वन क्षेत्र में लगी आग पांच घंटे बाद काबू की गई। वन कर्मियों के वहां से आग बुझाकर लौटने के डेढ़ घंटे बाद ही कंडीसौड़ का जंगल धधकने लगा। स्थानीय लोगों ने वन विभाग को सूचना दी। वन कर्मियों ने बताया कि वह मैंडखाल क्षेत्र के पदोगी, लवाणी, कस्तल और भंडार्की के जंगल में लगी आग बुझाने में व्यस्त हैं।

पुष्कर सिंह धामी- मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
प्रदेश में हो रही वनाग्नि की घटनाओं पर जल्द ही काबू पा लिया जाएगा। सेना से भी इस संबंध में सहायता ली जा रही है और हेलिकॉप्टर के माध्यम से आग बुझाने का कार्य किया जा रहा है। आज हल्द्वानी में अधिकारियों के साथ भी वनाग्नि से संबंधित विषयों पर समीक्षा बैठक करूंगा।


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