Bihar: 2 दिवसीय दौरे पर पटना में CJI, हाईकोर्ट और गुरुद्वारा गए, यह बातें कहीं

Spread the love

 

 

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश  जस्टिस सूर्यकांत दो दिवसीय दौरे पर पटना में हैं। पटना आगमन पर न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने पटना हाईकोर्ट से जुड़े कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और न्यायिक अधिकारियों को संबोधित किया। शनिवार को मुख्य न्यायाधीश ने पटना के पुनपुन प्रखंड अंतर्गत पोठाही में प्रस्तावित बिहार न्यायिक अकादमी (नया परिसर) का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने अकादमी के नए परिसर के निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत की। इसके साथ ही मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने पटना हाईकोर्ट परिसर में प्रस्तावित बहुमंजिला भवनों का भी शिलान्यास किया। इन भवनों के निर्माण से न्यायिक ढांचे को और मजबूत करने के साथ-साथ न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और वादकारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इनके अलावा उन्होंने बहुमंजिला कार पार्किंग, आईटी भवन, आवासीय परिसर, महाधिवक्ता कार्यालय का एनेक्स भवन और अस्पताल के भवनों का शिलान्यास किया।

 

कार्यक्रम के दौरान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी और प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायिक संस्थानों का सुदृढ़ बुनियादी ढांचा न्याय की प्रभावी और समयबद्ध व्यवस्था के लिए आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए परिसरों के निर्माण से बिहार की न्यायिक प्रणाली को नई गति और मजबूती मिलेगी। मुख्य न्यायाधीश ने न्यायिक व्यवस्था, संवैधानिक मूल्यों और आम जनता तक न्याय की पहुंच पर भी संक्षिप्त चर्चा की। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका का उद्देश्य केवल फैसले देना नहीं, बल्कि समाज में विश्वास और संतुलन बनाए रखना भी है।

 

और पढ़े  Bihar: जिस सड़क से गुजरते हैं मंत्री-अधिकारी, वहां 28 साल से मंदिर में चल रहा स्कूल

इससे पहले मुख्य न्यायाधीश चाणक्या लॉ यूनिवर्सिटी में आयोजित दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। समारोह में शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए 76 मेडल प्रदान किए गए, जबकि 761 छात्रों को स्नातक की डिग्री दी गई। वहीं शुक्रवार को उन्होंने सिख धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थल तख्त श्री हरमंदिर साहिब, पटना साहिब गुरुद्वारा पहुंचकर गुरु के दरबार में हाजिरी लगाई। यहां उन्होंने मत्था टेककर देश में शांति, एकता और मजबूत न्याय व्यवस्था के लिए प्रार्थना की। गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी की ओर से मुख्य न्यायाधीश का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। उन्हें सिरोपा भेंट किया गया और गुरुद्वारे के इतिहास व धार्मिक महत्व की जानकारी दी गई। प्रबंधन कमेटी के सदस्यों ने इसे गौरव का क्षण बताया।


Spread the love
  • Related Posts

    Bihar : ट्रेन में आग की खबर से अफरातफरी, बिहार-झारखंड को जोड़ने वाली कोसी एक्सप्रेस का ब्रेक पैड जला

    Spread the love

    Spread the loveपूर्व-मध्य रेलवे के सहरसा-मानसी रेलखंड स्थित सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह हटिया-कोसी एक्सप्रेस के ब्रेक पैड में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। ट्रेन की…


    Spread the love

    Bihar: जिस सड़क से गुजरते हैं मंत्री-अधिकारी, वहां 28 साल से मंदिर में चल रहा स्कूल

    Spread the love

    Spread the loveबिहार सरकार शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन गया की यह तस्वीर उन दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। गया-बोधगया मुख्य मार्ग पर स्थित…


    Spread the love