डोभी थाना क्षेत्र के गढ़ करमौनी गांव में खेत की सिंचाई के लिए लगे समरसेबल पंप को ठीक करने पुराने कुएं में उतरे चार ग्रामीणों की संदिग्ध जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि एक ग्रामीण को बचाने के प्रयास में एक के बाद एक चार लोग कुएं में उतरते गए और कुछ ही मिनटों में यह कोशिश दर्दनाक हादसे में बदल गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, अग्निशमन विभाग और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
बचाने की कोशिश में एक-एक कर कुएं में उतरे चार लोग
विजय चौधरी को कुएं में फंसा देखकर उनके बेटे विकास कुमार उन्हें बचाने के लिए नीचे उतरे। लेकिन वह भी संदिग्ध जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गए। इसके बाद दिलचंद मांझी और चमारी मांझी भी दोनों को बचाने के लिए कुएं में उतरे। दोनों भी बेहोश होकर गिर पड़े। देखते ही देखते चारों की मौत हो गई।
एसडीआरएफ और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही डोभी थाना पुलिस, जिला प्रशासन, अग्निशमन विभाग और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद तीन शवों को कुएं से बाहर निकाल लिया गया। वहीं, चौथे शव को निकालने के लिए भी देर तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव
बरामद शवों को पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है। प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि लंबे समय से बंद पड़े कुएं में जहरीली गैस जमा होने के कारण हादसा हुआ। हालांकि, गैस किस प्रकार की थी और मौत की वास्तविक वजह क्या रही, इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
एक गांव में चार मौतों से पसरा मातम
हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गढ़ करमौनी गांव में मातम पसरा हुआ है। एक ही गांव के चार लोगों की मौत से मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे पुराने और बंद पड़े कुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उनकी नियमित जांच कराने की मांग की है।







