ज्योतिर्मठ नगर क्षेत्र में सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। 2023 में भू-धंसाव से प्रभावित पुश्तैनी, पौराणिक पत्थर और पठाल से बने घरों का सर्वे शुरू कर दिया गया है। सर्वे के आधार पर मुआवजा तय किया जाएगा और इसके बाद सभी प्रभावित घरों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।
बता दें कि क्षेत्र के लोग वर्षों से यह मांग कर रहे थे कि पुश्तैनी घरों का भी भुगतान होना चाहिए। नगर क्षेत्र में पहले ही कंक्रीट के मकानों का मुआवजा दिया जा चुका है। अब पुराने पुश्तैनी घरों को भी मुआवजे के दायरे में लाया गया है।
इसके अलावा राजीव आवास और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए मकानों का मुआवजा भी दिया जाएगा। इसे लेकर वर्तमान में सर्वे का काम चल रहा है।








