ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका: चुनाव में हस्तक्षेप और मतपत्र रोकने पर कोर्ट की रोक, 20 हजार मतपत्रों पर था विवाद

अमेरिकी न्याय व्यवस्था में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक घटनाक्रम सामने आया है। एक संघीय न्यायाधीश ने आपातकालीन आदेश जारी करते हुए वर्तमान प्रशासन की उस आक्रामक कार्रवाई पर पूरी तरह रोक लगा दी है, जिसके तहत देश भर के चुनाव अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा था। अदालत के इस कड़े रुख से चुनावी प्रक्रिया में दखलंदाजी करने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है।

ट्रंप प्रशासन ने कैलिफोर्निया के अधिकारियों को 20,000 से अधिक डाक मतपत्रों को अलग रखने का आदेश दिया था। अदालत ने इसे असांविधानिक बताया और न्याय विभाग को अस्थायी रूप से रोक दिया कि वह चुनाव अधिकारियों को आपराधिक अभियोग की धमकी न दे। उत्तरी कैलिफोर्निया के सर्किट कोर्ट की न्यायाधीश त्रिना एल. थॉम्पसन ने एक कड़े शब्दों वाले अस्थायी रोक आदेश में, न्याय विभाग को यह आदेश दिया कि वह राज्य या स्थानीय चुनाव अधिकारियों या कर्मियों को धमकी, डराने या धमकाने की कोशिश न करें।
यह फैसला चुनाव कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले यूनियनों द्वारा दायर मुकदमे के जवाब में आया है। न्याय मंत्रालय और गृह विभाग अब किसी भी राज्य के चुनाव अधिकारियों पर मतपत्रों को अलग-थलग करने, मतदाता सूचियों से नाम हटाने या मतपत्रों की गिनती व प्रक्रिया को रोकने का दबाव नहीं बना पाएंगे।
न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि प्रशासन इन एजेंसियों के माध्यम से चुनाव अधिकारियों को आपराधिक मुकदमों की धमकियां नहीं दे सकता। इसके अलावा, अधिकारियों को अपनी चुनाव प्रक्रिया बदलने के लिए धमकाने या डराने वाले किसी भी अन्य कदम पर भी पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है।

और पढ़े  अमेजन में छंटनी: सुबह-सुबह भेजा ईमेल, 250 लोगों की नौकरी गई; एआई बढ़ा रहा संकट, जानें

न्यायाधीश ने यह भी आदेश दिया है कि प्रशासन द्वारा तैयार की गई उन सूचियों से संबंधित यदि कोई भी तलाशी वारंट, भव्य जूरी समन या चुनाव सामग्री तक पहुंच बनाने की मांग की जाती है, तो इसकी पूर्व सूचना अदालत को देनी होगी।

  • Related Posts

    बिहार: कटिहार में नाश्ते की दुकान पर सिलिंडर ब्लास्ट, चार मासूम समेत पांच झुलसे, दो की हालत गंभीर

    बिहार के कटिहार जिले में नाश्ते की दुकान पर अचानक एलपीजी सिलिंडर ब्लास्ट होने से बड़ा हादसा हो गया। धमाके के बाद दुकान में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में चार…

    भारतीय सेना को इसरो से मिली ताकत: युद्ध के समय पूरी ताकत से काम करेगा ‘नाविक’, अमेरिकी असहयोग की क्या भूमिका?

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने जीएसएसएलवी-एफ18 रॉकेट के जरिये एनवीएस-03 सैटेलाइट को उसकी सटीक कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया है। यह भारत के स्वदेशी सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम ‘नाविक’…