रोजगार क्षेत्र में बड़े एलान: 5 साल में सरकार जोड़गी एक लाख AHP, 1.5 लाख केयर गिवर्स को मिलेगा प्रशिक्षिण

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 1 फरवरी को संसद में बतौर वित्त मंत्री अपना रिकॉर्ड 9वां केंद्रीय बजट पेश किया। इस बजट में शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष जोर दिया गया है। युवाओं की क्षमता बढ़ाने और उन्हें रोजगार के लिए तैयार करने के लिए नई योजनाओं की घोषणा की गई है। पिछले वित्त वर्ष में शिक्षा के लिए ₹1,28,650.05 करोड़ का आवंटन किया गया था। इस बार भी सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए बजट में वृद्धि पर खास ध्यान दिया है।

 

नई तकनीक और दक्षता आधारित रोजगार पर जोर

सरकार शिक्षा को रोजगार और उद्यम के साथ जोड़ने पर जोर देगी। विकसित भारत का मुख्य चालक सेवा क्षेत्र रहेगा, और इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी जो AI और नई तकनीकों के प्रभाव का आकलन करेगी।

 

दक्षता आधारित रोजगार पर ध्यान दिया जाएगा और स्वास्थ्य पेशेवर तैयार करने वाले संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। रेडियोलॉजी, एनेस्थीशिया जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण बढ़ाया जाएगा, अगले पांच वर्षों में एक लाख Allied Health Professionals (AHP) जोड़े जाएंगे और 1.5 लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। 

मेडिकल टूरिज्म और हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स का विस्तार

मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाए जाएंगे, जिसमें निजी क्षेत्र की सहभागिता होगी। हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स में आयुष केंद्र, डायग्नोस्टिक, पोस्टर केयर और रीहैब केंद्र शामिल होंगे, जिससे स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए रोजगार बढ़ेगा।

प्राचीन योग पद्धति और आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान बनाए जाएंगे। इसके अलावा, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना होगी और 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10 हजार गाइड्स के कौशल बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण योजना शुरू की जाएगी। नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड भी स्थापित किया जाएगा। 

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सेवा क्षेत्र में विकास और रोजगार पर खास ध्यान

युवा भारत के लिए सेवा क्षेत्र पर विशेष जोर बढ़ाया जाएगा। शिक्षा के माध्यम से रोजगार और उद्यम के अवसर बढ़ाने के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति बनाई जाएगी। इस समिति का लक्ष्य 2047 तक सेवा क्षेत्र में 10 प्रतिशत की वैश्विक हिस्सेदारी हासिल कर देश को अग्रणी बनाना है। यह समिति विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं पर विशेष ध्यान देगी।

विकसित भारत के लिए कुशल पेशेवर तैयार करने के प्रस्ताव भी तैयार किए गए हैं। इसके तहत युवाओं को आवश्यक कौशल और प्रशिक्षण प्रदान करके उन्हें रोजगार और उद्यम के लिए तैयार किया जाएगा। यह पहल सेवा क्षेत्र में दक्षता बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने में मदद करेगी।


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