पश्चिम बंगाल सरकार ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पिछले 15 साल के शासनकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय कुप्रबंधन पर एक श्वेत पत्र (व्हाइट पेपर) जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में गठित मंत्रियों के एक उच्च-स्तरीय समूह (जीओएम) ने राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में अपनी पहली बैठक की। इस बैठक की अध्यक्षता राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने की।
मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपी जाएगी शुरुआती रिपोर्ट
मंत्रियों के समूह ने श्वेत पत्र के ढांचे, विभिन्न विभागों से जानकारी जुटाने के तरीकों और समय-सीमा पर चर्चा की। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद एक शुरुआती रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को सौंपी जाएगी। इसके बाद श्वेत पत्र को अंतिम रूप देकर जनता के सामने लाया जाएगा। इस बैठक में वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता के अलावा मंत्री दिलीप घोष, तापस रॉय, अरूप दास और दीपक बर्मन भी शामिल हुए।
मंत्रियों के समूह ने श्वेत पत्र के ढांचे, विभिन्न विभागों से जानकारी जुटाने के तरीकों और समय-सीमा पर चर्चा की। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद एक शुरुआती रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को सौंपी जाएगी। इसके बाद श्वेत पत्र को अंतिम रूप देकर जनता के सामने लाया जाएगा। इस बैठक में वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता के अलावा मंत्री दिलीप घोष, तापस रॉय, अरूप दास और दीपक बर्मन भी शामिल हुए।
बजट सत्र में की गई थी घोषणा
यह कदम राज्य सरकार की उस घोषणा के बाद उठाया गया है, जो उसने हाल ही में विधानसभा के बजट सत्र के दौरान की थी। मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने बार-बार कहा है कि उनकी सरकार टीएमसी के 15 साल के कार्यकाल के वित्तीय कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार का पूरा हिसाब तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर विभाग-वार निष्कर्ष पेश करेगा। वित्त मंत्री दासगुप्ता ने भी बजट भाषण में कहा था कि सरकार जनता के सामने वित्तीय प्रबंधन का पूरा ब्योरा रखने के लिए प्रतिबद्ध है। भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए टीएमसी सरकार पर कल्याणकारी और बुनियादी ढांचा योजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।
यह कदम राज्य सरकार की उस घोषणा के बाद उठाया गया है, जो उसने हाल ही में विधानसभा के बजट सत्र के दौरान की थी। मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने बार-बार कहा है कि उनकी सरकार टीएमसी के 15 साल के कार्यकाल के वित्तीय कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार का पूरा हिसाब तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर विभाग-वार निष्कर्ष पेश करेगा। वित्त मंत्री दासगुप्ता ने भी बजट भाषण में कहा था कि सरकार जनता के सामने वित्तीय प्रबंधन का पूरा ब्योरा रखने के लिए प्रतिबद्ध है। भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए टीएमसी सरकार पर कल्याणकारी और बुनियादी ढांचा योजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।






