उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों का कनेक्शन बरेली से जुड़ता दिखाई दे रहा है। यहां रेखा आर्या व उनके शेयर वाली कंपनी के नाम से बनाए जा रहे आलीशान फार्म हाउस पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। बिना नक्शा पास कराए बने इस फार्म हाउस की कंपाउंडिंग के लिए वर्ष 2024 में आवेदन किया गया था, लेकिन अब तक शुल्क जमा नहीं किया गया है। बीडीए की टीम जमीन और निर्माण से जुड़े अन्य दस्तावेज की भी जांच कर रही है।
बीडीए की जांच में सामने आया कि फार्म हाउस का मानचित्र स्वीकृत नहीं है। वर्ष 2024 में पप्पू के करीबी सत्येंद्र राठौर की ओर से कंपाउंडिंग के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन निर्धारित शुल्क जमा नहीं हुआ। परिसर की जमीन अलग-अलग गाटा संख्या में विभिन्न लोगों के नाम पर खरीदी गई है। इसमें उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या के नाम पर 3300 वर्ग मीटर भूमि का बैनामा दर्ज है। शेष गाटा संख्या की भूमि कृष्णा वैष्णवी इंटरप्राइजेज के नाम से दर्ज है जिसमें शेयर होने का उल्लेख रेखा आर्या के चुनावी हलफनामों में रहता है। बीडीए की तरफ से दस्तावेज की पड़ताल की जा रही है।
बीडीए के विशेष कार्याधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि लालपुर में बनाए जा रहे फार्म हाउस का नक्शा पास नहीं है। परिसर में कई गाटा संख्या की जमीन अलग-अलग लोगों के नाम पर है। रेखा आर्या के नाम पर 3300 वर्ग मीटर भूमि दर्ज है, इसके अलावा भूमि कृष्णा वैष्णवी इंटरप्राइजेज के नाम से दर्ज हैं। प्राधिकरण की ओर से संबंधित अभिलेखों की जांच की जा रही है।







