बाबा केदार: फूलों से सजने लगा बाबा केदार का धाम, फाटा से गौरीकुंड पहुंची उत्सव डोली, 22 को खुलेंगे कपाट

बाबा केदार के धाम में यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पूरा केदारपुरी क्षेत्र फूलों से सजाया जा रहा है। बाबा केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली सोमवार काे फाटा से चलकर गौरीकुंड पहुंच गई है। सुबह बाबा की डोली पूजा के बाद अपने द्वितीय रात्रि पड़ाव गौरी माई मंदिर गौरीकुंड के लिए रवाना हुई। विभिन्न पड़ावों, बड़ासू, शेरसी, रामपुर,सीतापुर, सोनप्रयाग होते हुए करीब चार बजे शाम डोली गौरीकुंड पहुंची। प्रथम दिन डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में को पूजा अर्चना के बाद डोली केदारनाथ धाम के लिए रवाना हुई और आर्मी बैंड की धुन और भक्तों की मौजूदगी में काशी विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंची कुछ देर विश्राम के बाद बाबा की डोली आगे बढ़ी। श्रद्धालुओं ने विभिन्न कस्बों में फूल मालाओं और अक्षत से पंचमुखी उत्सव डोली का स्वागत किया। सोमवार को गौरीमाता मंदिर गौरीकुंड में डोली का रात्रि प्रवास होगा। बाबा की डोली के पहुंचते ही बाबा के जयकारों से क्षेत्र भक्तिमय हुआ।

 

 

माता पार्वती का तपस्थल है गौरीकुंड
भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल उत्सव डोली के गौरीकुंड पहुंचने पर गौरा माई मंदिर में भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गौरीकुंड में माता पार्वती गौरा ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। यही कारण है कि केदारनाथ यात्रा में इस स्थल का विशेष स्थान है। गौरीकुंड में स्थित तप्त कुंड में श्रद्धालु स्नान कर धाम की ओर प्रस्थान करते हैं। इसके साथ ही यहां स्थित पितृ कुंड में तर्पण करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

और पढ़े  नैनीताल- डीके शर्मा बार काउंसिल ऑफ इंडिया के तीसरी बार सदस्य निर्वाचित

 

  • Related Posts

    नैनीताल: पोषण की कम़ी से नहीं बढ़ रही नौनिहालों की लंबाई, आंगनबाड़ी के बच्चों की लंबाई-वजन पर चिंता

    नैनीताल जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े बच्चों के शारीरिक विकास के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। अगस्त की पोषण ट्रैकर रिपोर्ट के मुताबिक, पांच वर्ष तक के 44,224 बच्चों की…

    चमोली: हेमकुंड साहिब के बाद शीतकाल के लिए बंद हुए लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट, हुई बर्फबारी

    हेमकुंड साहिब के बाद आज नवरात्रि के पावन अवसर पर लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी शीतकाली के लिए बंद हो गए हैं। सुबह 7.15 मिनट पर मंदिर के कपाट विधि विधान के साथ…