उत्तराखंड हाईकोर्ट- राज्य में शराब की नई दुकानें खोले जाने पर रोक लागू रहेगी

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उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने आबकारी आयुक्त के बयानों के आधार पर यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की आबकारी नीति के तहत अब नई मदिरा की दुकानें नहीं खोली जाएंगी। केवल वर्ष 2024-25 से संचालित दुकानों का ही संचालन जारी रहेगा। यह आदेश प्रदेश के सभी 13 जिलों में लागू होगा।

मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार टिहरी जिले के जौनपुर ब्लॉक की भूतसी जिला पंचायत सदस्य सीता देवी मनवाल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर हटवाल गांव में खोली गई नई शराब की दुकान को चुनौती देते हुए कहा था कि नई आबकारी नीति के प्रावधान के अनुसार नई शराब की दुकान खोलने का प्रावधान नहीं है। याचिका में कहा कि आबकारी आयुक्त के 16 मई 2026 के आदेश के बाद दुकान का संचालन शुरू हो गया था।

हालांकि, हाईकोर्ट ने 7 जुलाई 2026 को याचिका में संशोधन की अनुमति देते हुए मामले की सुनवाई 15 जुलाई को निर्धारित की थी। इस बीच आबकारी आयुक्त ने 6 जुलाई 2026 को नया आदेश जारी कर स्पष्ट कर दिया कि केवल वर्ष 2024-25 से संचालित मदिरा दुकानों को ही संचालित होने दिया जाएगा और नई दुकानें नहीं खोली जा सकतीं। इसके बाद हटवाल गांव में संचालित शराब की दुकान भी बंद करा दी गई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट को आबकारी आयुक्त के नए आदेश तथा हटवाल गांव की दुकान बंद होने की जानकारी दी गई। इसके बाद खंडपीठ ने जनहित याचिका का निस्तारित कर दिया। आबकारी आयुक्त का यह आदेश अब पूरे उत्तराखंड में प्रभावी रहेगा और राज्य में नई शराब की दुकानें खोले जाने पर रोक लागू रहेगी।

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