Ayodhya- भाई लक्ष्मण के भी मंदिर का जीर्णोद्धार,शेषावतार मंदिर की ऊंचाई हो सकती है 51 फीट

Ayodhya- भाई लक्ष्मण के भी मंदिर का जीर्णोद्धार,शेषावतार मंदिर की ऊंचाई हो सकती है 51 फीट

राम मंदिर के रामलला के छोटे भाई लक्ष्मण के भी मंदिर का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। रामजन्मभूमि परिसर में भगवान शेषावतार का भी मंदिर था जिसे राममंदिर ट्रस्ट ने ध्वस्त करा दिया था। अब इसका नए सिरे से निर्माण कराया जा रहा है। इस मंदिर की ऊंचाई 51 फीट हो सकती है। मंदिर की ऊंचाई व मजबूती को लेकर इंजीनियर मंथन करने में जुटे हुए हैं।

शेषावतार मंदिर में लक्ष्मण की संगमरमर की मूर्ति स्थापित की जाएगी। इसके फाउंडेशन का काम शुरू हो चुका है। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में सबसे ऊंचे स्थान पर शेषावतार का मंदिर बनाया जा रहा है। मंदिर के भूमि पूजन के बाद निर्माण को लेकर नई डिजाइन तैयार की गई और अब उसी के अनुसार निर्माण कार्य हो रहा है। खास बात यह है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के गर्भ गृह के चबूतरे यानी आसन जिस पर रामलला विराजमान हैं उसी के बराबर शेषावतार मंदिर के गर्भगृह के चबूतरे की भी ऊंचाई होगी।

कार्यदायी संस्था के इंजीनियर का कहना है कि शेषावतार मंदिर की डिजाइन व ड्राइंग लगभग फाइनल हो चुकी है। नींव का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। नींव पत्थरों से बनाई जाएगी। मंदिरों के चारों कोनों पर मिट्टी के टीले बनाए जाएंगे। हालांकि टीले बनाने पर अभी अंतिम सहमति नहीं बन सकी है। कहा कि राममंदिर की ऊंचाई बहुत अधिक है। रामलला के आसन के बराबर शेषावतार मंदिर की ऊंचाई करना चुनौती पूर्ण कार्य है। फिर भी इंजीनियर इसको लेकर मंथन करने में जुटे हैं। बताया गया कि दिसंबर तक शेषावतार मंदिर के जीर्णोद्धार का काम पूरा कर लिया जाएगा।

और पढ़े  अयोध्या: राम मंदिर ट्रस्ट में बढ़ सकती है शरद शर्मा की भूमिका, मीडिया प्रभारी बनाए जाने की अटकलें तेज
  • Related Posts

    जितेंद्र मिश्रा कौन हैं जिन्हें बनाया गया राम मंदिर ट्रस्ट का सीईओ, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान निभाई मुख्य भूमिका

    श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के व्यवस्थित और प्रभावी संचालन के लिए पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ)नियुक्त किया है।…

    जन्माष्टमी 2026: नंदभवन में गूंज रहीं बधाइयां, कृष्णमय हुआ नंदगांव

    नंद के आंगन में अभी कान्हा का जन्म नहीं हुआ है, लेकिन नंदगांव में उनकी बधाइयां गूंजने लगी हैं। सावन पूर्णिमा की रात नंदभवन में जैसे ही समाज गायन की…