राममंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी के मामले में ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर गुरुवार को फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का हुजूम सड़क पर उतरा। अधिवक्ताओं के आक्रोश से परिचित पुलिस अधिकारियों ने भी अपना मोर्चा संभाल लिया, हालांकि धक्का मुक्की और मान मनौव्वल के बाद अधिवक्ताओं की तहरीर ली गई, जिसके बाद अधिवक्ताओं का आक्रोश शांत हुआ। अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि राम मंदिर चोरी प्रकरण में एफआईआर दर्ज न की गई तो आगे की कार्रवाई की लिए अगला निर्णय लेंगे
गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे अयोध्या की कचहरी से बड़ी संख्या में अधिवक्ता जुलूस की शक्ल में प्रदर्शन करते हुए थाना राम जन्मभूमि की ओर निकले। उनका हुजूम जैसे ही कचहरी से कुछ दूर ही पहुंचा ही था कि पुलिस बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन आक्रोशित अधिवक्ता उस बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए आगे बढ़ते गए।
इस दौरान पुलिस अधिवक्ताओं के बीच धक्का मुक्की भी देखने को मिली। रामपथ पर आगे बढ़ रहे अधिवक्ताओं को पुलिस ने सिविल लाइन पुलिस चौकी के पास रोक लिया। उसके बाद पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच आश्वासन और मान मनौव्वल का दौर शुरू हुआ।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस आला अधिकारी भी पहुंचे और उन्होंने अधिवक्ताओं के साथ बातचीत कर मामले एफआईआर दर्ज करने के आश्वासन देते हुए जब तहरीर ली तो अधिवक्ताओं का आक्रोश शांत हुआ। हालांकि इस बीच बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिक प्रसाद मिश्र ने कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी को लेकर अधिवक्ताओं में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं का आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि केवल स्थगित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो अधिवक्ता आगे की रणनीति पर काम करेंगे।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए प्रदर्शन रहे अधिवक्ताओं की मांग थी कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य अनिल मिश्रा और गोपाल राव के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जाए।
अधिवक्ताओं ने आरोपों के संबंध में थाना राम जन्मभूमि में कार्रवाई की मांग करते हुए तहरीर भी दी है। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं ने सिविल लाइन पुलिस चौकी के पास ही तहरीर सौंपी। पुलिस ने तहरीर प्राप्त कर उसकी रिसीविंग भी अधिवक्ताओं को उपलब्ध कराई, जिसके बाद तत्काल के लिए प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।
बार एसोसिएशन के महामंत्री शैलेन्द्र कुमार जायसवाल ने बताया कि फैजाबाद बार एसोसिएशन अयोध्या ने राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन में बड़े पैमाने पर निर्णायक सक्रिय भूमिका निभाई है। एसोसिएशन के कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने जन्मभूमि के मुकदमें में निर्णायक पैरवी कर पक्ष रखा है, एसोसिएशन के हजारों सदस्यों द्वारा आन्दोलन में कारसेवा की गई जिसके लिये उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी।
साथ ही साथ एसोसिएशन व उसके सदस्यों ने राम जन्मभूमि निर्माण हेतु बड़े पैमाने पर धन दान भी किया है। चूंकि प्रभू श्रीराम व उनके मन्दिर निर्माण से संघ की आस्था व निष्ठा पुरातन से ही जुड़ी हुई है जिस कारण संघ के अनेक सदस्य आज भी लगातार प्रभू श्रीराम जन्म भूमि में स्थित प्रभू विग्रह का नियमित दर्शन पूजन करते हैं व अपनी मेहनत की कमाई का कुछ हिस्सा लगातार प्रभु व मन्दिर की सेवा लिए रखे गये दान पात्रों में दान करते रहे हैं।
राम मंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी के मामले में पकड़े गए आरोपियों के पक्ष में पैरवी न करने को लेकर अधिवक्ताओं ने पहले घोषणा कर दी है। बीते सोमवार को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र की अलमारियों में आयोजित हुई बैठक में निर्णय लिया गया था कि चोरी के मामले में पकड़े गए आरोपियों का केस न लड़ा जाएगा, इसके साथ ही फैजाबाद बार एसोसिएशन की तरफ से भी एक समिति बनाई गई है, जो आरोपियों को सजा कराने में पैरवी करेगी। इसके अलावा पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग भी की गई थी





