अयोध्या- राममंदिर चंदा चोरी: ‘गोपाल के आने से बिगड़ी व्यवस्था, ट्रस्ट के सदस्य नहीं हैं, फिर भी…’नया खुलासा

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राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद व्यवस्थाओं को लेकर उठे सवालों के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अमर उजाला से बात करते हुए आरोप लगाया कि राम मंदिर की व्यवस्थाएं गोपाल राव के आने के बाद बिगड़ी हैं और उन्हें मंदिर की व्यवस्थाओं से अलग किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि गोपाल राव ट्रस्ट के सदस्य नहीं हैं, इसके बावजूद व्यवस्थाओं में उनकी व्यापक दखल है।

महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि गोपाल राव को निर्माण कार्य में सहयोग के लिए लाया गया था, लेकिन अब उनकी भूमिका उचित नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि गोपाल राव बाहरी व्यक्ति हैं और वैष्णव परंपरा को ठीक से नहीं जानते, जबकि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय परंपरा और मंदिर की व्यवस्था से भली-भांति परिचित हैं।

 

उनके अनुसार ट्रस्ट में पहले से अनुभवी और सक्षम लोग मौजूद हैं, इसलिए बाहरी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि गोपाल राव के आने के बाद मंदिर की वीआईपी दर्शन व्यवस्था भी प्रभावित हुई। ट्रस्ट में बदलाव के सवाल पर महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि यदि ट्रस्ट के मूल स्वरूप में बदलाव किया गया तो भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियां और बढ़ सकती हैं।

 

महंत दिनेंद्र दास ने मंदिर में सीईओ की नियुक्ति करने की मांग पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मंदिर की धार्मिक व्यवस्था में अधिकारियों को इस प्रकार बैठाया जाना उचित नहीं है। मंदिर की व्यवस्थाएं परंपराओं के अनुरूप ही संचालित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चंपत राय पर उन्हें पूरा भरोसा है। उनके अनुसार चंपत राय वैष्णव परंपरा को समझते हैं और मंदिर की गरिमा के अनुरूप काम करते हैं।

 

चढ़ावा चोरी के बाद कड़ी हुई व्यवस्था, अब एक-एक रुपये पर नजर
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद मंदिर की व्यवस्थाओं को और सख्त कर दिया गया है। महंत दिनेंद्र दास ने बताया कि अब श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाया गया एक-एक रुपया सीधे दानपात्र में ही डाला जाता है और कोई भी व्यक्ति अपने हाथ में नकदी नहीं लेता। 

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उन्होंने कहा कि पुजारी भी किसी प्रकार का चढ़ावा अपने पास नहीं रखते। महंत दिनेंद्र दास ने बताया कि वह स्वयं प्रतिदिन राम मंदिर पहुंचकर पूजन-पाठ और धार्मिक व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। उनका कहना है कि मंदिर की परंपराओं और व्यवस्थाओं का पूरी तरह पालन कराया जा रहा है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।

 

बैंक खातों में मिले हैसियत से अधिक रकम के लेनदेन
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले की जांच में हैसियत से कई गुना ट्रांजेक्शन आरोपियों के बैंक खातों में मिला है। साल भर में सभी आरोपियों के खातों की डिटेल में हैसियत से ज्यादा रकम के ट्रांजेक्शन के सबूत मिले हैं। एसआईटी और पुलिस ने इसको सबूत के तौर पर जांच में शामिल किया है।

 

पुलिस जुटा रही आरोपियों की संपत्ति का ब्योरा, मकान-प्लॉट और हॉस्टल का पता चला
सभी के मकान, प्लॉट और हॉस्टल समेत कई संपत्तियों का ब्योरा जुटाकर उसकी कीमत का आकलन किया जा रहा है। वहीं पुलिस अनिल और गोपाल को भी नोटिस जारी कर चुकी है। लेकिन दोनों से अभी तक पूछताछ नहीं की गई है।
प्रकरण में एसआईटी और पुलिस दोनों की जांच चल रही है। पुलिस ने भी बैंकों से आरोपियों के बैंक खातों का विवरण मांगा था। इसमें आरोपियों के कई परिवार वालों के खाते भी शामिल हैं। एक-एक आरोपी व उनके परिजनों के खातों में जितनी रकम का ट्रांजेक्शन हुआ है, उसका उनकी सैलरी से मिलान नहीं हो सका।
क्योंकि कमाई न के बराबर है और रकम इधर-उधर लाखों-करोड़ों की हुई। ये सबूत यह साबित करने के लिए काफी हैं कि आरोपियों ने जो रकम चढ़ावे की पार की, उसे इधर-उधर खपाई। टिन्नू के हॉस्टल के दस्तावेजों को भी जुटाया है।
जब्त की जाएंगी संपत्तियां
सूत्रों के मुताबिक पुलिस की जांच इस दिशा में चल रही है कि आरोपियों ने चोरी की कमाई से जो भी संपत्तियां बनाई हैं, उनको जब्त करने की कार्रवाई करनी है। यहां तक कि एसआईटी ने अनुकल्प द्वारा कराई गई कथा का भी ब्योरा जांच में शामिल किया है, जिसमें पांच लाख रुपये से अधिक का खर्च किया गया था। जबकि अनुकल्प की सैलरी सिर्फ 18 से 20 हजार रुपये ही थी।
चढ़ावा चोरीः इनपुट के आधार पर होगी बरामदगी की कार्रवाई
चढ़ावा प्रकरण में जांच एजेंसी आरोपियों के बयान का अब तक जुटाए गए दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्यों से मिलान कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ से मिलने वाले इनपुट के आधार पर पुलिस आगे नई बरामदगी और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई भी कर सकती है। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए भी अदालत में अर्जी दाखिल की जाएगी। रिमांड मिलने पर आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ, घटनास्थलों का सत्यापन और संभावित बरामदगी की कार्रवाई आगे बढ़ाने का दावा किया जा रहा है।
प्रतापगढ़ में भी खंगाली जा रही अविनाश की संपत्ति
आरोपी अविनाश शुक्ला प्रतापगढ़ के महेशगंज थाना क्षेत्र के बाबूपुर का रहने वाला है। पुलिस ने प्रतापगढ़ जिले तक जांच का दायरा बढ़ाया है। सूत्रों के अनुसार आरोपी के पैतृक गांव से लेकर उसके आसपास की संपत्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके लिए प्रतापगढ़ में स्थानीय तहसील की टीम कार्य कर रही है। आरोपी के प्रतापगढ़ जिले के भी बैंक खातों का विवरण देखा जा रहा है। उसके निवेश प्रपत्र, बीमा पॉलिसी आदि का डाटा भी जुटाया जा रहा है।

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एमओयू के आधार पर बैंक से भी शुरू हुई पूछताछ
जांच टीम सोमवार को एसबीआई की तुलसी उद्यान शाखा गई थी। वहां से राम मंदिर से हुए एमओयू का विवरण लिया है। उसके अध्ययन के अनुसार बैंक कर्मियों से पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार बैंक की ओर से गणना कार्य में लगभग 14 कर्मचारी लगाए गए थे। उनके दायित्वों के अनुसार उनसे भी पूछताछ शुरू की गई है। सभी बिंदुओं पर पूछताछ के बाद बैंक से जुड़े अधिकारी व कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

मोबाइल पर थी रोक, कपड़े में छिपाकर ले जाते थे अंदर
पुलिस की जांच में एक और खुलासा हुआ है। गणना में लगे कर्मियों को बिना जेब के ही गणना कक्ष में प्रवेश करना था और मोबाइल लेकर नहीं जाना था। इसके बावजूद वह कपड़े में मोबाइल छिपाकर अंदर ले जाते थे।
चढ़ावा चोरीः अनुकल्प मिश्रा हर मंगलवार करता था सुंदरकांड का पाठ 
राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी के मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। विवेचना के क्रम में पुलिस ने आरोपी अनुकल्प मिश्रा से जुड़े लोगों से भी पूछताछ शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में उसकी रिश्तेदार सुषमा मिश्रा से जानकारी ली गई।

पूछताछ के बाद सुषमा मिश्रा ने बातचीत में दावा किया कि अनुकल्प का स्वभाव शांत है और वह धार्मिक प्रवृत्ति का युवक है। उनके अनुसार वह नियमित पूजा-पाठ करता है तथा प्रत्येक मंगलवार सुंदरकांड का पाठ करता है। परिवार का कहना है कि अनुकल्प के खिलाफ लगे आरोपों से वह स्तब्ध हैं और उन्हें उसके किसी भी गलत गतिविधि में शामिल होने का विश्वास नहीं है।
चंपत राय दोषी हुए तो धर्मदंड छोड़ दूंगाः परमहंस आचार्य
राम मंदिर में चढ़ावे और धन प्रबंधन को लेकर चल रहे विवाद के बीच जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने चंपत राय के समर्थन में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय एक रुपये की भी चोरी के दोषी पाए जाते हैं तो वह अपना धर्मदंड छोड़ देंगे।
परमहंस आचार्य ने कहा कि चंपत राय ने राम मंदिर आंदोलन से लेकर मंदिर निर्माण तक अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके अनुसार चंपत राय “देव तुल्य” व्यक्ति हैं और उनकी ईमानदारी पर संदेह नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस साक्ष्य के लगाए जा रहे आरोप निंदनीय हैं।

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