महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय परिसर में शुक्रवार को धार्मिक और शैक्षणिक आस्था का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला, जब राज्यपाल ने 35 फीट ऊंची भगवान श्रीराम की भव्य प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया। राज्यपाल ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बटन दबाकर प्रतिमा का जैसे ही अनावरण किया पूरा परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा।
यह विश्वविद्यालय 500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किया जा रहा है और इसे पूरी तरह हाईटेक स्वरूप में विकसित किया जा रहा है। विश्वविद्यालय को स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म और अत्याधुनिक डिजिटल रिसर्च सुविधाओं से लैस किया गया है, जिससे देश-विदेश के शोधार्थियों को रामायण, भारतीय दर्शन और संस्कृति पर गहन अध्ययन का अवसर मिलेगा। पूरे अयोध्या क्षेत्र में भगवान श्रीराम की इतनी ऊंची प्रतिमा कहीं और नहीं है। प्रशासनिक भवन के ऊपर स्थापित यह प्रतिमा विश्वविद्यालय की पहचान का प्रतीक बन गई है, जो परंपरा और आधुनिकता दोनों को दर्शाती है।

कुलाधिपति अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि यह विश्वविद्यालय भारतीय सोच और आधुनिक शिक्षा का संतुलित मॉडल है। यहां छात्र डिग्री नहीं लेंगे, बल्कि तकनीकी ज्ञान, शोध, जीवन मूल्यों के साथ आगे बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा और टेक्नोलॉजी के माध्यम से वैश्विक स्तर तक पहुंचाना है। भविष्य में यहां अंतरराष्ट्रीय सेमिनार, शोध परियोजनाएं और सांस्कृतिक संवाद आयोजित किए जाएंगे, जिससे रामकथा का वैश्विक विस्तार हो।









