राम नगरी अयोध्या के सरयू तट पर स्थित राम की पैड़ी पर 17 लाख से अधिक दीप जलाए जाने को लेकर अवध विश्वविद्यालय ने वालंटियरों के साथ अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया है। 22000 वालंटियर राम की पैड़ी पर 17 लाख दीप बिछाए जाने का कार्य हो रहा है। और इन दीपकों को जलाए जाने के लिए रुई की बत्ती हजारों की तादात में मोमबत्ती के साथ तीन हजार टीन तेल यानी 45000 लीटर तेल मंगाया गया है।इस दौरान दीपोत्सव की नोडल अधिकारी प्रो0 अजय प्रताप ने बताया कि हम लोगो ने 17 लाख से ज्यादा दीए जलाने का संकल्प लिया है। 37 घाट कुल है।इन सभी पर दिए का बिछाने का काम कर रहे हैं।और यहाँ शाम तक दिये बिछने का कार्य हर हाल में पूरा करूँगा।उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी इतनी बड़ी है।कि हम कह भी नहीं सकते हैं लेकिन इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और योगी जी यहां पर आ रहे हैं।
हमारे वालंटियरो में और टीचरों में इतना उत्साह है।दरसअल एक दीपक में तेल की क्षमता को 40ml रखा गया है। जो कि कम से कम 15 से 20 मिनट तक लगातार जलते रहेंगे इसके लिए 3000 से अधिक तेल की टीम को मंगाया गया है और 22000 वालंटियर अब दीपक को मिठाई जाने का कार्य शुरू कर दिया है। राम की पैड़ी पर 22000 वालंटियर सुरक्षित और सुरक्षा के दायरे में 15 मिनट में 17 लाख दीप को जलाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल आज राम की पैड़ी के घाटों पर दीपों को बिछाए जाने का क्रम हो रहा है। 22 अक्टूबर तक यह कार्य पूरा किए जाने के बाद 23 अक्टूबर को सुबह से ही तेल डालने और बत्ती लगाए जाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा अवध विश्वविद्यालय सहित कई सामाजिक संगठन और महाविद्यालय के वालंटियर को लगाया गया है। जिसे 23 अक्टूबर को शाम 7:00 बजे जलाया जाएगा इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित मुख्य अतिथि के तौर पर देश के प्रधानमंत्री व कई विदेशी मेहमान भी मौजूद होंगे।








