प्रेमी के साथ जीने के लिए प्रेमिका प्रगति ने मैनपुरी के भोगांव निवासी हाइड्रा चालक पति दिलीप की हत्या शूटरों से करवाई थी। इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाना आसान नहीं था, लेकिन ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरे से खुलासा आसान हो गया।
इसकी नजर और मैनुअल व सर्विलांस सूचना ने कड़ी से कड़ी जोड़ दी। यहां पर गांव स्तर पर पुलिस का बिछा गोपनीय नेटवर्क भी काम आया। 19 मार्च को सहार क्षेत्र में नहर किनारे पलिया गांव के समीप हाइड्रा चालक दिलीप खून से लथपथ मिला था। 21 मार्च को दिलीप ने दम तोड़ दिया।
पुलिस को पटना नहर पुल पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में एक बाइक पर चार लोग जाते दिखे। जबकि एक अन्य फुटेज में दो। फुटेज जब मुखबिरों से साझा हुई, तो शूटर अछल्दा निवासी रामजी नागर को पहचान लिया गया। फिर क्या था, हिस्ट्रीशीटर रामजी नागर को पकड़ने के लिए पुलिस ने खाक छानी।
सियापुर निवासी प्रेमी अनुराग से लेकर प्रेमिका प्रगति के आपसी गठजोड़ खोलने के लिए सर्विलांस टीम काम आई। गांव में चलने वाली आस पड़ोस की बातें भी पुलिस के काम आई। प्रेमी-प्रेमिका के बीच साल 2020 के कोविड कॉल से बढ़ी प्रेम कहानी से भले ही परिजन अनजान बने रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस से इसे साझा किया।
सर्विलांस टीम ने जोड़ी कड़ी से कड़ी
ग्रामीणों से पूछताछ के साथ ही तीनों के मोबाइल फोन से सर्विलांस टीम ने कड़ी से कड़ी जोड़ ली। प्रेमी अनुराग के मोबाइल में प्रेमिका प्रगति के साथ फोटो व आपत्तिजनक वीडियो काफी कुछ राज खोल बैठे। शूटरों तक लोकेशन पहुंचाने वाली प्रगति ने चैट व कॉल का सहारा लिया, पूछताछ में प्रेमी अनुराग, प्रेमिका प्रगति और शूटर रामजी नागर ने सब कुछ उगल दिया।
खुलासे के बाद शूटरों के खिलाफ हत्या का केस
19 मार्च को दिलीप लहूलुहान मिला था। हालत से अंदेशा यह जताया जा रहा था कि दिलीप के बचने की संभावना कम है। ऐसे में परिजनों ने जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई। वहीं प्रगति, अनुराग व तीन शूटरों की संलिप्तता उजागर करने वाले खुलासे के बाद पुलिस ने दर्ज मुकदमे में धाराएं बढ़ाई हैं। जानलेवा हमले की धारा 109 बीएनएस (307 आईपीसी) को हत्या, 103 बीएनएस (302 आईपीसी) में तब्दील किया गया है। इसमें तीनों शूटरों को शामिल किया गया है। वहीं हत्याकांड में संलिप्तता व साजिश के तहत 61-2 बीएनएस (120-बी आईपीसी) में प्रगति व अनुराग को शामिल किया है।
जान न निकलने पर शूटरों ने दिलीप को मारी थी गोली
हाइड्रा चालक दिलीप की हत्या के मामले में सामने आ रहा है कि शूटरों ने उसे मारकर लहूलुहान कर दिया था। उनकी योजना दिलीप को जान से मारने की थी। ऐसे में जब खून से लथपथ दिलीप के प्राण नहीं निकले तो शूटरों ने उसके सिर के पीछे गोली मार दी। मामले को लेकर पुलिस ने गिरफ्तार प्रगति, उसके प्रेमी अनुराग व शूटर रामजी नागर से अलग-अलग और सामूहिक पूछताछ की है।
वहीं, क्राइम सीन के तहत अनुराग ने बेला में शूटरों की दिलीप की पहचान कराई। इसके बाद शूटरों ने बेला से कुछ आगे दिलीप को यह कहकर बुलाया कि नहर पर बिजली के खंभे रखे जाने हैं। हाइड्रा से कितनी लागत आएगी। इस पर एक शूटर उसे जगह दिखाने के लिए पलिया गांव समीप नहर किनारे ले गया। रास्ते में बारी-बारी दो अन्य शूटरों को भी साथी बताकर बाइक पर बैठा लिया।
पोस्टमार्टम में 10 घाव और गोली लगने की बात
इसके बाद नहर किनारे सूनसान जगह पर ले जाकर तीनों शूटरों ने दिलीप को मारपीट कर लहूलुहान कर दिया, उसे जान से मारने के लिए एक शूटर ने दिलीप के सिर के पिछले हिस्से में गोली मार दी थी। पोस्टमार्टम में 10 घाव और सिटी स्कैन में गोली लगना आया है।
सहार थानाध्यक्ष पंकज मिश्रा ने बताया कि हाइड्रा चालक के हत्याकांड मामले में खुलासे के बाद धाराओं में बढ़ोतरी कर दी गई है।
हाइड्रा चालक के हत्याकांड में ऑपरेशन त्रिनेत्र से लेकर मैनुअल व सर्विलांस टीम ने संयुक्त काम किया। यही वजह रही कि छह दिन के अंदर पूरे मामले का खुलासा कर दिया। फरार दो शूटरों की तलाश चल रही है।– आलोक मिश्र, एएसपी
औरैया में सौरभ राजपूत जैसा हत्याकांड
5 मार्च को मैनपुरी निवासी कारोबारी दिलीप कुमार (24) की शादी फफूंद निवासी प्रगति से हुई थी। शादी के 15 दिन बाद 19 मार्च को दिलीप को गोली मारी गई थी। दो दिन बाद उसकी मौत हो गई थी। जांच में जुटी पुलिस ने सोमवार को सनसनीखेज खुलासा किया। हत्याकांड की साजिश पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर रची। प्रगति को मुंह दिखाई में मिले रुपयों से भाड़े के शूटरों को सुपारी दी गई। पुलिस ने हत्यारोपी पत्नी, उसके प्रेमी अनुराग व एक शूटर को धर दबोचा है।
19 मार्च को शूटरों ने किया हमला
19 मार्च को मैनपुरी के भोगांव निवासी कारोबारी दिलीप कुमार (24) पर कन्नौज के उमर्दा में शूटरों ने हमला किया। शूटरों ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद सिर के पिछले हिस्से में गोली मार दी। बाद में उसे खेत में फेंक दिया। पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया। 21 मार्च को इलाज के दौरान दिलीप की मौत हो गई। दिलीप के पिता का क्रेन का कारोबार कई जिलों में फैला है।
दिलीप के परिवार के चलते हैं 12 हाइड्रा और 10 क्रेन
उनके पास 12 हाइड्रा और 10 क्रेन हैं। दिलीप औरैया में रहकर औरैया और कन्नौज में काम देखता था। वहीं प्रगति का परिवार भी पैसे से मजबूत बताया गया है। उज्जैन में उनका एक स्कूल संचालित होता है। हत्या के मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही थी। इसी दौरान सुपारी के रुपयों के लेनदेन की सूचना पर शनिवार को पुलिस ने हरपुरा के पास छापा मारा।