कुख्यात भू-माफिया और फर्जी रजिस्ट्री घोटाले का मास्टरमाइंड केपी सिंह भले ही अब इस दुनिया में नहीं है पर उसके गिरोह के लोग अब भी दून में जमीन कब्जाने का षड्यंत्र रच रहे हैं। दिल्ली निवासी अशोक गोयल की शिकायत पर पटेलनगर थाने में गिरोह से जुड़े 12 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
2023 में एसआईटी दर्ज करवा चुकी है प्राथमिकी
संदीप गोयल का दिल्ली में देहांत हो गया था। उनकी दून में कई बेशकीमती संपत्तियां हैं। केपी सिंह के गिरोह ने राजपुर रोड स्थित एक पारिवारिक संपत्ति की भी फर्जी वसीयत तैयार कर कब्जे की कोशिश की थी। रजिस्ट्री फर्जीवाड़े की जांच के लिए बनी कमेटी ने अक्तूबर 2023 में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। तब संदीप गोयल के भतीजे गौरव गोयल ने फर्जी वसीयत पर सवाल उठाए थे। बता दें कि ये गिरोह ऐसे ही लोगों को संपत्ति को निशाना बनाता है जिसके वारिश विदेश में रह रहे हों या निधन हो गया हो।
सहारनपुर से शुरू की रिकॉर्ड में हेराफेरी
देहरादून जिले के कई दशकों के भू दस्तावेज सहारनपुर कलक्ट्रेट में रखे थे। बताया जा रहा है कि केपी सिंह और उसके गिरोह से जुड़े लोगों ने इसका फायदा उठाते हुए वहीं से रिकॉर्ड में हेराफेरी शुरू की। दून में कई बेशकीमती जमीनों के पेपर या तो गायब करवा दिए या उसकी जगह नकली रजिस्ट्री रिकार्ड में रखवा दी। आरोप है कि इस गिरोह ने दून में फर्जीवाड़ा कर 500 करोड़ से ज्यादा की जमीनें बेच डाली हैं।







