हंगामा: वकील के बोलते ही भड़के SSP, बंदी वाहन में वकील पर बरसाए थप्पड़, पांच लोगों को हिरासत में

मेरठ में अनुसूचित जाति की बीए छात्रा के अपहरण के बाद हत्या के मामले में बुधवार को कलक्ट्रेट के बाहर पीड़ित परिजन और समर्थक सड़क पर धरना देकर जाम लगाकर बैठ गए। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद भी जब लोग नहीं हटे तो एसएसपी अविनाश पांडेय मौके पर पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे कुछ लोगों को थप्पड़ जड़ दिए जिसके बाद हंगामा हो गया।

 

पुलिस ने लाठी फटकार सड़क खाली कराई और पांच लोगों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद एसएसपी ने बंदी वाहन में पहुंचकर हिरासत में लिए गए सूरजपुर, गाैतमबुद्धनगर निवासी रवि गौतम को कई थप्पड़ जड़ दिए। रवि गौतम ने अपने गमछे से फंदा लगाने की कोशिश की। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

टीपीनगर थाना क्षेत्र की बीए की छात्रा 15 मई की सुबह स्नातक की परीक्षा देने घर से निकली थी लेकिन वह कॉलेज नहीं पहुंची। पुलिस के अनुसार रोहटा थाना क्षेत्र के कल्याणपुर गांव निवासी अंकुश उसे अगवा कर उकसिया गांव ले गया था। वहां ईख के खेत में उसने छात्रा पर शादी का दबाव बनाया।

 

छात्रा के इनकार करने पर आरोपी ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने अपहरण और हत्या के आरोप में अंकुश तथा साक्ष्य छिपाने के आरोप में खेत मालिक आदेश व एक अन्य को गिरफ्तार कर कार्रवाई की थी। वहीं परिजन छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए अंकुश के भाई, पीएसी के सिपाही अंकित, और उसकी मां की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।

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बुधवार दोपहर करीब एक बजे परिजन बड़ी संख्या में लोगों के साथ चौधरी चरण सिंह पार्क में धरना देने पहुंचे। करीब डेढ़ बजे सभी लोग एकत्र होकर जिलाधिकारी से मिलने कलक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने कलक्ट्रेट के गेट बंद कर दिए।

इससे नाराज प्रदर्शनकारी बीच सड़क पर धरने पर बैठ गए और जाम लगा दिया। सूचना पर एसपी देहात अभिजीत कुमार, एसपी यातायात राजेश श्रीवास्तव और सीओ विश्व ज्योति राय मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों से शांतिपूर्वक अपनी बात रखने और जाम समाप्त करने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने।

 

लाठी चलाओ… सड़क से नहीं उठेंगे
धरने का नेतृत्व कर रहे युवा शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और गाजियाबाद से एआईएमआईएम के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके रवि गौतम से पुलिस अधिकारियों ने जाम खोलने की अपील की। उन्हें चेतावनी दी गई कि जाम नहीं हटाया गया तो पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ेगा।

इस पर रवि गौतम ने कहा, लाठी चलाओ या जेल भेजो, हम धरने से नहीं उठेंगे। इस दौरान एसपी देहात और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। जाम के कारण पुलिस को रूट डायवर्जन करना पड़ा। धरने पर बैठे लोग लगातार नारेबाजी करते हुए डीएम और एसएसपी को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे। 

 

शाम करीब साढ़े चार बजे एसएसपी अविनाश पांडेय मौके पर पहुंचे। उन्होंने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन जब लोग नहीं माने तो उन्होंने धरने पर बैठे कुछ लोगों को थप्पड़ जड़ दिए। इसके बाद हंगामा हो गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठी फटकारकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। छात्रा के परिवारको पुलिस ने घर भेज दिया। वहीं रवि गौतम और पीड़ित परिवार को उकसाने के आरोप में अन्य लोगों को हिरासत में ले लिया गया।

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हिरासत में लेने के बाद रवि गौतम को बंदी वाहन में बैठाया गया। आरोप है कि इसके बाद एसएसपी अविनाश पांडेय बंदी वाहन के अंदर पहुंचे और रवि गौतम को कई थप्पड़ जड़ दिए। इसके बाद रवि गौतम ने अपने गमछे से फंदा लगाने की कोशिश की।

 

आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
पुलिस का कहना है कि रवि गौतम के खिलाफ गाजियाबाद के कोतवाली थाने में वर्ष 2024 में हत्या के दो मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ कुल चार प्राथमिकी दर्ज हैं। हालांकि उसे वकील भी बताया गया है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

वहीं पीड़ित परिवार को उकसाने के मामले में भारतीय किसान यूनियन अंबेडकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह भाटी का भी नाम सामने आया है। उसके खिलाफ अमरोहा समेत विभिन्न स्थानों पर कुल नौ प्राथमिकी दर्ज हैं। दस दिन पहले दिग्विजय को जिला बदर किया गया था। दिग्विजय का कहना है कि वह माैके पर माैजूद नहीं था। पुलिस ने बताया कि इलेक्ट्राॅनिक साक्ष्यों से उसके माैके पर माैजूदगी की पुिष्ट हुई है।

आरोपियों के घर बुलडोजर चलाने की मांग 
लोग इस मामले में आरोपियों के घर बुलडोजर चलाने, पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद और सुरक्षा दिलाने, फास्ट ट्रैक केस में केस चलाने की मांग कर रहे थे। अंकुश के भाई अंकित व उसके साथी निशांत पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

 

परिजन कार्रवाई से थे संतुष्ट : एसएसपी
धरना-प्रदर्शन की सूचना मिलने पर सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना ने 7 जुलाई को छात्रा के परिजनों से मुलाकात की थी। उस दौरान परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर संतुष्टि जताई थी। इसके वीडियो साक्ष्य भी पुलिस के पास मौजूद हैं। पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट होने के बावजूद दिग्विजय सिंह भाटी, रवि गौतम और कुछ अन्य अराजकतत्व छात्रा के भाई को प्रलोभन देकर उकसा रहे थे। इसी कारण सड़क जाम किया गया।  चेतावनी देने के बाद भी जब प्रदर्शनकारी नहीं माने तो कार्रवाई की गई। – अविनाश पांडेय, एसएसपी 

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