अहमदाबाद विमान हादसा: वॉल स्ट्रीट जर्नल ने किया दावा- नियंत्रण प्रणाली को गलत संकेत भेजने से गिरा एअर इंडिया विमान

Spread the love

 

 

मेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अहमदाबाद विमान हादसे पर अपनी रिपोर्ट में चौंकाने वाला दावा किया है। रिपोर्ट में अहमदाबाद विमान हादसे के लिए बोइंग की सॉफ्टवेयर खामी व संस्थागत विफलता को जिम्मेदार ठहराया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक स्वचालित सॉफ्टवेयर ने नियंत्रण प्रणाली को गलत संकेत भेजे जिससे विमान नीचे आने लगा। पायलटों ने विमान को मैनुअल तरीके से ऊपर उठाने की कोशिश की लेकिन वे नाकाम रहे।

12 जून को अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया की फ्लाइट एआई 171 बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर वॉल स्ट्रीट जर्नल ने जो तस्वीर सामने रखी है, वह न केवल तकनीकी विफलता को उजागर करती है बल्कि बोइंग और वैश्विक विमानन नियामकों की लापरवाही और सिस्टम में मौजूद गहरी चुप्पी को भी कठघरे में खड़ा करती है। यह उड़ान अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुई थी। टेकऑफ के तीन मिनट बाद ही विमान शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गया। हादसे में 241 यात्री और क्रू समेत कुल 270 लोगों की मौत हो गई, जबकि केवल एक यात्री चमत्कारिक रूप से बच सका। रिपोर्ट में बताया गया है कि टेकऑफ के तीन मिनट बाद ही विमान के फ्लाई-बाय-वायर सॉफ्टवेयर ने नियंत्रण प्रणाली को गलत संकेत भेजे। इसके कारण विमान के पिछले हिस्से में लगे एलिवेटर ट्रिम ने अचानक विमान को नीचे झुकाने का कंमाड भेज दिया। यह स्थिति जिसे तकनीकी रूप से लॉक्ड इन डाउनवार्ड्स कमांड कहा जाता है, बेहद घातक साबित हुई। पायलटों ने मैनुअल कंट्रोल लेने की कोशिश की, लेकिन तब तक सॉफ्टवेयर लगातार विमान को नीचे धकेलता रहा और केवल 40 सेकंड के भीतर विमान 10,000 फीट से 700 फीट तक गिर गया।

 

पहले से था पता, फिर भी किया नजरअंदाज
रिपोर्ट के मुताबिक बोइंग पहले से इस संभावित सॉफ्टवेयर त्रुटि से अवगत था। 2024 में एक टेस्ट पायलट ने इसी तरह की ‘अनियमित ट्रिम कमांड ड्यूरिंग स्टीप क्लाइंब’ की चेतावनी दी थी जिसके बाद एक सॉफ्टवेयर पैच जारी किया गया, लेकिन एआई 171 में यह अपडेट लागू नहीं किया गया था। इसके बावजूद विमान को 2023 में एयर इंडिया को सौंपा गया। अनियमित ट्रिम कमांड ड्यूरिंग स्टीप क्लाइंब’ का अर्थ है कि जब विमान तेजी से ऊंचाई पर चढ़ रहा हो, उस दौरान उसकी स्वचालित ट्रिम प्रणाली जो सामान्यतः संतुलन बनाए रखने के लिए एलिवेटर (पिछले पंखों) को हल्के-हल्के समायोजित करती है अचानक या गलत ढंग से विमान को नीचे झुकाने (नोज डाउन का) संकेत देने लगे।

व्हिसलब्लोअर को भी नहीं सुना गया
बोइंग के एक इंजीनियर, जिनकी पहचान रिपोर्ट में गोपनीय रखी गई है, ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि उन्होंने मार्च 2025 में ही रियर स्टेबिलाइजर कंट्रोल सर्किट में संभावित विफलता की चेतावनी दी थी। उनका स्पष्ट कथन था अगर इस अपडेट को अनदेखा किया गया, तो किसी दिन सिस्टम पायलट के नियंत्रण से बाहर हो सकता है और वही हुआ। रिपोर्ट में कहा गया है कि बोइंग प्रबंधन ने इन चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लिया।


Spread the love
  • Related Posts

    गुजरात- स्थानीय निकाय चुनाव के लिए मतदान शुरू, 4.18 करोड़ वोटर करेंगे फैसला, जानिए अपडेट्स

    Spread the love

    Spread the love   गुजरात में रविवार सुबह से बड़े पैमाने पर स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मतदान शुरू हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार वोटिंग सुबह 7…


    Spread the love

    Accident: गुजरात के सुरेंद्रनगर में हादसा, बेकाबू ट्रक ने 7 लोगों को कुचला, राहत-बचाव कार्य जारी

    Spread the love

    Spread the loveगुजरात के सुरेंद्रनगर जिले में सोमवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यह सड़क हादसा तब हुआ, जब एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क के किनारे सात…


    Spread the love