अयोध्या जनपद के सोहावल क्षेत्र में स्थित एक सरकारी गोशाला का एक बड़ा मामला सामने आया है. गोशाला पर आरोप है कि यहां पर गोवंश के मरने के बाद चमड़े और हड्डियों को निकालकर बेचा जा रहा है।सीएम योगी आदित्यनाथ का गोवंशों के प्रति प्रेम जगजाहिर है. साल 2017 में जब यूपी में योगी सरकार बनी तो गोवंश की सुरक्षा और संरक्षा के लिए कड़े नियम कानून बने और हर जिले में गोवंश को आश्रय देने के लिए सरकारी गोशाला का निर्माण भी कराया गया।अयोध्या में हो रहे अमर्यादित आचरण ने इस पौराणिक नगरी की आध्यात्मिक अस्मिता को गहरी ठेस पहुंचाई हैं।दरसअल इस काम में काफी संख्या में मजदूरों को भी लगाया गया है. रोजाना गोवंश के मृत शरीर से चमड़े और हड्डियां अलग की जाती हैं और उसके बाद उन्हें सुखाकर ऊंची कीमतों में बेच दिया जाता है जबकि सरकार का निर्देश है कि मृत गोवंश को गड्ढे में दफना दिया जाए. मरने के बाद भी उन्हें काटने या उनके शरीर से चमड़े और हड्डियों को निकालने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है।वही सपा के पूर्व राज्य मंत्री पवन पांडे ने कहा अगर सीएम योगी सच्चे गोसेवक हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों को जेल भेजें। वहीं इस मामले पर उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोहावल डॉ मनोज वर्मा ने क्या कहा यही भी सुने जा रहा। बता दें कि इससे पहले बैदरापुर सरकारी गोशाला में बड़ी संख्या में मृत पाए गए गोवंशों को ट्रैक्टर से बांधकर खींचने का वीडियो वायरल हुआ था।ग्रामीणों द्वारा जारी किए गए वीडियो में भी साफ तौर पर यह दिखाई दे रहा है कि बड़े पैमाने पर यह काम चल रहा है।








