जानकारी के मुताबिक घटना बुधवार सुबह करीब तीन बजे की है। नंदा देवी एक्सप्रेस कोटा से देहरादून आ रही थी। ट्रेन के अलग-अलग श्रेणी के कोच में हजारों यात्री सवार थे। देवबंद से ट्रेन रवाना हुई तो यहां के स्टेशन मास्टर ने लोको पायलट को सूचना दी कि ट्रेन के दो कोच के बीच में कुछ संदिग्ध लोग चढ़े हैं। तुरंत इसकी सूचना सभी कोच अटेंडेंट को दी गई। कुछ अटेंडेंट ने लोको पायलट और आरपीएफ के अधिकारियों को जानकारी दी कि कोच के बफर में करीब 10 हथियारबंद लोग चढ़े हैं।
वे ट्रेन को रोकने का प्रयास कर रहे थे पर नए कोच में बफर में वैक्यूम रिलीज करने का विकल्प नहीं दिया गया है। इसलिए बदमाश ट्रेन नहीं रोक पाए। वहीं ट्रेन के सभी दरवाजे लॉक कर देने के कारण वह अंदर भी नहीं जा पाए। उन्हें जब पता चला कि कर्मचारियों को उनकी भनक लग गई है तो वो ट्रेन से कूद गए।