राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और उपाधियां प्रदान की। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) भी उपस्थित रहे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी प्राप्ति में कुमाऊं विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों के युवा विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। युवा अपनी प्रतिभा और समर्पण की शक्ति से अपने दायित्त्व को पूरा करेंगे। राष्ट्रपति मुर्मू कुमाऊं विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रही थीं।
इस दौरान उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 18 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और उपाधियां प्रदान कीं। डीएसबी परिसर स्थित एएन सिंह सभागार में मंगलवार को विवि का 20वां दीक्षांत समारोह मनाया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा हि शिक्षा किसी भी राष्ट्र के विकास की नींव होती है। शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों की बुद्धि और कौशल का विकास करना ही नहीं, बल्कि उनके नैतिक बल एवं चरित्र को भी सुदृढ़ करना होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी शिक्षा को वंचित वर्गों की सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्य में समर्पित करें। यही सच्चा धर्म है जो उन्हें सच्चा सुख और संतोष प्रदान करेगा।
कहा कि भारत विश्व की सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। सरकार निरंतर प्रगति सुनिश्चित करने के लिए कई नीतिगत पहल कर रही है जिससे युवाओं के लिए अनेक अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन प्रो. दिव्या उपाध्याय जोशी ने किया। इस दौरान राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.), उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत, कुलसचिव डॉ. मंगल सिंह मंद्रवाल, अल्मोड़ा विवि के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि के प्रो. एनके जोशी, पद्मश्री अनूप साह आदि मौजूद रहे।







