उत्तराखंड में छठ-व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर की मंगल कामना…

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ठ महापर्व के तीसरे दिन उत्तराखंड में छठ की अनोखी छटा देखने को मिली। मैदानी इलाकों में ही नहीं बल्कि पहाड़ों में लोगों ने छठ पूजा की। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश से लेकर कुमाऊं में भी छठ पूर्व पूरे श्रद्धाभाव और उल्लास के साथ मनाया गया। बीते दिन व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हुआ था।

वहीं, आज व्रतियों ने छठ घाटों पर जाकर पानी के बहते स्रोतों में खड़े हुए और जब भगवान भास्कर अस्ताचलगामी होने लगे तो उन्हें सायं कालीन अर्घ्य दिया। इस दौरान व्रतियों ने परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। इस दौरान पहाड़ से मैदान तक घाटों पर भीड़ उमड़ी रही। वहीं, उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने भी पत्नी संग की छठ पूजा की। उन्होंने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य की मंगल कामना की।

Chhath Festival 2025 devotees Doing sunset Puja during 36 hours of waterless fast in Uttarakhand Photos

सनातन धर्म के इस महापर्व में अस्त होते सूर्य की भी पूजा पूरे विधान से की जाती है।

 

आज छठ घाटों की ओर जाते समय श्रद्धालुओं ने कांच ही बांस  के बहंगिया बहंगी लचकत जाए जैसे पारंपरिक गीत गाए।

Chhath Festival 2025 devotees Doing sunset Puja during 36 hours of waterless fast in Uttarakhand Photos

मंगलवार को उदीयमान सूर्य के अर्घ्य देने के साथ सूर्योपासना का यह पर्व संपन्न हो जाएगा।


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