हिमाचल प्रदेश कौशल विकास परियोजना के तहत आउटसोर्स आधार पर नियुक्त यंग प्रोफेशनल्स की सेवाओं को राज्य हाईकोर्ट ने तत्काल बहाल करने के आदेश दिए हैं। परियोजना के कार्यकाल की अवधि 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ जाने के कारण जिनकी सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई थीं, उन्हें न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने बहाल कर दिया है।
गो उपकर मामले में सरकार को नोटिस
प्रदेश हाईकोर्ट में गो उपकर को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में सरकार से मांग की है कि वर्ष 2023 से अभी तक गो उपकर कहां और कैसे खर्च किया गया, इस पर अदालत को बताया जाए। सरकार ने 2023-24 के बजट में शराब की प्रति बोतल पर 10 रुपये गो सेस लगाने की घोषणा की है। इसके बाद भी सड़कों पर पशु बेसहारा घूम रहे हैं। न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ ने सरकार को नोटिस जारी किया है। अदालत को बताया गया कि लावारिस पशुओं से संबंधित पहले ही जनहित विचाराधीन है। खंडपीठ ने इस मामले को दूसरी जनहित याचिका के साथ जोड़ दिया है। दोनों मामलों की तीन नवंबर को सुनवाई होगी।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में उप मुख्य सचेतक के पद को चुनौती देने वाली याचिका में केवल सिंह पठानिया के अनुपस्थित रहने पर उन्हें मामले में एक्स पार्टी घोषित कर दिया है। पठानिया की ओर से सुनवाई के दौरान कोई भी अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रोमेश वर्मा की खंडपीठ ने पार्टी को सुने बिना एकतरफा आदेश पारित किया। मामले की अगली सुनवाई 31 अक्तूबर को होगी। याचिका में मुख्य सचेतक और उप मुख्य सचेतक बनाने वाले कानून को चुनौती दी गई है। बताया गया है कि यह संविधान के नियमों के खिलाफ है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना के सेवा विस्तार मामले में सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। अदालत ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से इस मामले में जो रिकॉर्ड रजिस्ट्रार जनरल के पास सीलबंद लिफाफे में पेश किया गया है। उसे फैसला पारित होने के बाद सील्ड कवर में बंद कर वापस भेज दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीपीसीएल) के चीफ इंजीनियर विमल नेगी के शव की जांच के दौरान मिली पेन ड्राइव गायब करने के मामले में आरोपी एएसआई पंकज शर्मा को जमानत नहीं मिली है। उनकी जमानत याचिका पर अब 27 अक्तूबर को सुनवाई होगी। तब तक पंकज शर्मा न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे। सीबीआई ने जमानत याचिका पर स्टेटस रिपोर्ट पहले ही दायर कर दी है।









