अयोध्या : बाढ़ का खतरा तो खत्म, लेकिन अब कटान की जद में आने लगे गांव

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रामनगरी में बाढ़ का खतरा तो खत्म हो गया. लेकिन अब कटान की जद में आने को लेकर नदियों के किनारे बसे गांव के लोग काफी परेशान हैं. दरअसल पानी का बहाव बढ़ने के साथ जलस्तर बढ़ गया था जिससे सब कुछ डूब जाने का खतरा बना हुआ था लेकिन ये समस्या टली तो अब कटान की जद में आने का खतरा बढ़ गया है.आपको बता दें कि 2 दिन पहले सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 16 सेंटीमीटर ऊपर था लेकिन खतरे के निशान से केवल 5 सेंटीमीटर ऊपर है यानी 11 सेंटीमीटर जलस्तर घट गया है. जलस्तर घटने से जगह जगह कटान शुरू हो गई है. यह हाल अयोध्या जनपद में अकेले ढेमवा घाट के किनारे बसे लोगो का ही नही है बल्कि विल्हर घाट के किनारे भी ऐसे कई गांव है जो नदी के कछार में बसे है इन सभी गावो में कटान का खतरा उत्पन्न हो गया है।वही गॉव के ग्रामीणो ने बताया कि यह कटान लगभग 25 दिन से हो रही है लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हो रही, केवल लेखपाल और तहसीलदार आए थे और एसडीएम आए थे और देख कर के चले गए. उन्होंने यही कहा कि घर खाली कर दो और स्कूल में रहो.उनका कहना है कि वे अपना घर छोड़कर कहां जाएं.वहीं केंद्रीय जल आयोग की माने तो नेपाल से छोड़े गए पानी और पहाड़ों पर ज्यादा बारिश होने की वजह से जो बैराज है वह बारिश के पानी को रोक नहीं पाया है. अचानक से उनको पानी छोड़ना पड़ा. इस वजह से सरयू का जलस्तर बढ़ गया. प्रशासन ने खतरे के निशान को देखते हुए लोगों को अलर्ट किया है जहां-जहां पर लोगों को समस्याएं हो रही हैं उनकी समस्या का समाधान किया जा रहा है और उनको राहत सामग्री दी जा रही है।

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