राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) (एनएचएआई) ने हाल ही में निजी गाड़ियों के लिए 3,000 रुपये का वार्षिक टोल पास लॉन्च किया है। इस पास से एक साल तक या फिर 200 ट्रिप तक बिना टोल दिए सफर किया जा सकता है। जहां कई लोग इस स्कीम के बारे में अभी जानकारी जुटाकर इसके फायदों का आकलन कर रहे होंगे, वहीं उत्तर प्रदेश के नोएडा के एक शख्स ने अपनी लंबी रोड ट्रिप कर इस पास का सही फायदा दिखा दिया।
25 दिन, 13 राज्य और 11,000 किमी का सफर
वार्षिक पास से हुई बड़ी बचत
हालांकि कुछ जगहों पर पास लागू नहीं था, जैसे:
- लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर उसे अलग से 1,200 रुपये चुकाने पड़े।
- तमिलनाडु और कुछ अन्य राज्यों में करीब 2,400 रुपये अतिरिक्त खर्च हुआ।
- इसके अलावा, उसने 200 किलोमीटर सिर्फ मजे के लिए गाड़ी चलाई, जिससे ईंधन खर्च और बढ़ गया।
सोशल मीडिया पर बना चर्चा का विषय
एक अन्य यात्री ने भी बताया कि उसने इसी पास का इस्तेमाल कर 180 ट्रिप पूरे किए। हालांकि, कुछ यूजर्स ने सवाल उठाए कि पास होने के बावजूद अतिरिक्त टोल क्यों वसूला गया।
किन वाहनों को मिलेगा यह पास
- गाड़ी पर एक्टिव FASTag (फास्टैग) होना जरूरी है।
- ब्लैकलिस्टेड वाहन या केवल चेसिस नंबर पर रजिस्टर्ड वाहन पास के योग्य नहीं होंगे।
- बस और ट्रक जैसे कमर्शियल वाहनों को यह सुविधा नहीं मिलेगी।
प्लानिंग से फायदा ही फायदा
नोएडा के रहने वाले इस शख्स का यह अनुभव बताता है कि फास्टैग का वार्षिक पास लंबे सफर और बार-बार ट्रैवल करने वालों के लिए कितना फायदेमंद है। सही प्लानिंग के साथ इस्तेमाल किया जाए तो यह टोल खर्च को काफी हद तक कम कर देता है और रोड ट्रिप्स जेब पर हल्की पड़ती हैं।







