राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद अब देशभर के विभिन्न शिक्षा बोर्डों द्वारा जारी 10वीं और 12वीं कक्षा के प्रमाणपत्रों को समानता (equivalence) प्रदान करेगा। इस फैसले के बाद छात्रों को उच्च शिक्षा संस्थानों में दाखिले और सरकारी नौकरियों में भर्ती प्रक्रिया के दौरान सीधे फायदा मिलेगा।







