मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में बड़े पुल से शिप्रा नदी में पुलिस टीम की कार गिरने की घटना को मंगलवार सुबह 11 बजे तक 61 घंटे बीत गए। लेकिन, तमाम प्रयासों के बाद भी लापता महिला आरक्षक और कार का कुछ पता नहीं चल सकता है। मंगलवार सुबह पुलिस और प्रशासन की टीम ने एक बार फिर सर्च अभियान शुरू किया। घटनास्थल के 100 मीटर के दायरे में अब वाटर कैमरे का इस्तेमाल कर महिला आरक्षक की तलाश की जा रही है।

थाना प्रभारी और सब-इंस्पेक्टर का शव मिला
दरअसल, शनिवार रात करीब नौ बजे शिप्रा नदी के बड़े पुल से एक कार असंतुलित होकर पानी में गिर गई थी। कार गिरने का सीसीटीवी भी सामने आया था। इस कार में उन्हेल थाना प्रभारी अशोक शर्मा, सब-इंस्पेक्टर मदनलाल निनामा और महिला आरक्षक आरती पाल सवार थे। तीनों लापता किशोरी की तलाश में जा रहे थे, इस दौरान हादसा हो गया। हादसे की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सर्च अभियान शुरू किया। अब तक पुलिस ने टीआई अशोक शर्मा और एसआई मदनलाल निनामा का शव नदी से बरामद कर लिया है। लेकिन, हादसे के करीब 61 घंटे बीतने के बाद भी आरक्षक आरती पाल और कार का कुछ पता नहीं चल सका है।
पुलिस ने किया रणनीति में बदलाव
महिला आरक्षण का सुराग नहीं मिलने के कारण मंगलवार को पुलिस टीम ने रणनीति में बदलाव किया है। टीम ने अब सर्चिंग अभियान का दायरा बढ़ाकर पांच किमी कर दिया है। केडी पैलेस तक शिप्रा में सर्चिंग की जा रही है। साथ ही, सीएसपी राहुल देशमुख के मार्गदर्शन में महिदपुर से 8 सदस्यीय एक्सपर्ट टीम को भी बुलाया गया है। इसके अलावा महिला आरक्षक की तलाश में सोनार डिटेक्शन उपकरण की भी मदद ली जा रही है। रेस्क्यू टीम का मानना है कि अगर, आज 3 फीट पानी और नीचे आ जाता है तो सर्चिंग अभियान में काफी सुविधा होगी। माना जा रहा है कि घटनास्थल के 100 मीटर के दायरे में ही कार मिट्टी में दबी होगी, लापता महिला आरक्षक भी कार में ही फंसी हो सकती है।
टीम को मिला कार का बंपर
आरती ने छोटे भाई को दिए थे चोला चढ़ाने के लिए रुपये
130 जवान तलाश में जुटे









