अडानी ग्रुप के नाम पर जालसाजों ने 150 किसानों को लाखों की चपत लगा दी। फल खरीद और फसल बीमा के नाम पर ठग किसानों से पैसा लेकर फरार हो गए। ग्रुप के दोनों स्थानीय दफ्तर में अब ताला लटका है। उनके कर्मचारी भी वेतन के लिए चक्कर लगा रहे हैं। सतबूंगा रामगढ़ निवासी जगदीश सिंह नयाल ने बुधवार को एसएसपी कार्यालय में प्रार्थनापत्र सौंपा। बताया कि इस साल मई में खुद को अडानी ग्रुप से बताकर दो लोग उनसे मिले थे। एक खुद को एमडी और दूसरा कंपनी का जीएम कह रहा था। इन्होंने धारी में एडनेम ऑर्गेनिक प्राइवेट लिमिटेड नाम से ब्रांच कार्यालय खोला और जोनल ऑफिस के नाम पर सरस मार्केट हल्द्वानी का पता दिया था। ब्रांच कार्यालय में गांव के 15 युवक लिपिक और अन्य पदों पर काम करते थे। दोनों ने झांसा दिया कि किसानों के फल मंडी में कम दाम पर बिकते हैं, ऐसे में उनकी कंपनी फलों को खरीदने के बाद खाते में पैसा भेजेगी। बोहराकोट के काश्तकार आशुतोष सिंह ने बताया कि कंपनी के लोगों ने मुझसे चार टन आड़ू लिया था, जिसका भुगतान एक लाख रुपये 81 हजार रुपये अब तक नहीं किया है। एक व्यक्ति खुद को कंपनी का एमडी बताता था, उसने उपज का जल्द भुगतान करने का भरोसा दिया था।
कहा कि ए ग्रेड का आड़ू 80 रुपये किलो, बी ग्रेड का 60 रुपये प्रतिकिलो और सी ग्रेड का 30 रुपये किलो लिया जाएगा। एक सप्ताह में फसल का भुगतान हो जाएगा। जगदीश ने 15 हजार का आड़ू कंपनी को दिया। इसी प्रकार गांव के किसान नारायण सिंह ने 82 हजार, हिम्मत सिंह, आशुतोष सिंह सहित 20 किसानों ने फल अडानी ग्रुप को दिया। किसानों को एक सप्ताह में पैसा खाते में भेजने का भरोसा दिया गया। इसी गिरोह ने 524 रुपये प्रति किसान से लिए और 150 लोगों को ग्रुप का सदस्य बनाया। इसके बाद फसल बीमा के नाम पर एक-एक व्यक्ति से पांच हजार से लेकर 25 हजार रुपये वसूल किए। तीन माह गुजरने पर गिरोह ने धारी कार्यालय में ताला जड़ दिया। कार्यालय में काम कर रहे कर्मचारियों को भी वेतन भी नहीं दिया गया। किसानों ने इस धोखाधड़ी की जानकारी मंडी के पूर्व अध्यक्ष जीवन सिंह कार्की को दी। जीवन सिंह कार्की ने घटना की जानकारी एसपी सिटी को दी।







