गणेश चतुर्थी 2025 का पावन त्योहार आज 27 अगस्त को पूरे भारत में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन भगवान गणेश की विधिपूर्वक पूजा और घरों में उनकी स्थापना की जाती है। ऐसा माना जाता है कि गणपति बप्पा को घर में विराजित करने से जीवन में सुख, समृद्धि और शुभता का वास होता है। इस शुभ अवसर पर सही समय पर गणेश स्थापना करना अत्यंत फलदायक होता है।
गणेश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन क्यों नहीं करना चाहिए?
गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा को देखना वर्जित माना गया है। मान्यता है कि इस दिन अगर कोई व्यक्ति चंद्र दर्शन करता है तो उसे “मिथ्या दोष” लग जाता है। इसका अर्थ है कि उस व्यक्ति पर बिना कारण के झूठे आरोप, खासकर चोरी जैसे इल्ज़ाम लग सकते हैं। इसलिए, लोग इस दिन चंद्र दर्शन से बचते हैं ताकि उन्हें किसी तरह की बदनामी या अपयश का सामना न करना पड़े।
चंद्र दर्शन वर्जित समय
27 अगस्त 2025 (गणेश चतुर्थी): सुबह 09:28 बजे से रात 08:57 बजे तक
इन समयों में चंद्रमा को नहीं देखना चाहिए। अगर भूल से देख लिया जाए, तो “सिंह पुराण” के अनुसार गणेश चतुर्थी व्रत की कथा या गणेश जी के किसी मंत्र का जाप करने से दोष कम हो सकता है।
गणपति स्थापना से पहले क्या करना है?
- सबसे पहले एक साफ बर्तन में पानी लें और पूजा के स्थान पर रख दें।
- जहाँ आपने पूजा का मंडप या स्थान तैयार किया है, वहां एक चटाई या आसन बिछाकर शांत मन से बैठ जाएं।
- फिर हाथ में थोड़ी सी कुशा (घास) और जल लें, और यह मंत्र बोलें:
“ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा।
यः स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यंतरः शुचिः।।”
- इसके बाद, उस जल को हल्के से अपने ऊपर और पूजा की सभी चीजों पर छिड़क दें, ताकि वे भी शुद्ध हो जाएं।
- फिर तीन बार कुल्ला करें ताकि मुख भी स्वच्छ हो जाए।
- अब हाथ में थोड़ा जल लें और यह मंत्र बोलते हुए तीन बार थोड़ा-थोड़ा जल अपने मुंह में डालें:
“ॐ केशवाय नमः, ॐ नारायणाय नमः, ॐ माधवाय नमः, ॐ हृषीकेशाय नमः”
- इसके बाद हाथ धो लें।
- अब पूजा स्थल पर जहां गणेश जी को स्थापित करना है, वहां थोड़े से साबूत (बिना टूटे) चावल रखें।
- फिर उस चावल पर गणेश जी की मूर्ति को आदरपूर्वक स्थापित करें।
गणेश चतुर्थी पर बन रहे हैं 3 शुभ योग
- ब्रह्म योग- ऐसा माना जाता है कि ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवताओं की शक्तियाँ एक साथ सक्रिय रहती हैं। यह योग किसी भी पूजा को बेहद शक्तिशाली और फलदायक बना देता है।
- शुक्ल योग- जो भी लोग इस दिन गणेश जी की पूजा, आरती और उपासना करते हैं, उनके जीवन में शुभता बढ़ती है। घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
- शुभ योग- यह योग भक्तों के जीवन में शुभ लाभ लाता है। आमदनी में वृद्धि होती है, नुकसान कम होता है और घर में रहने वाले लोग स्वस्थ रहते हैं।
Ganesh Ji Ki Sthapna DIsha: गणेश जी की स्थापना दिशा
Ganesh Chaturthi Upay: गणेश चतुर्थी के विशेष उपाय
- गणेश जी की पूजा करते समय पीला वस्त्र पहनें, जिससे घर में शांति और शुभ ऊर्जा बनी रहती है।
- मदार के फूल की माला बनाकर जल से धोकर गणेश जी को चढ़ाएं, इससे अचानक धन लाभ होता है।
- गणेश जी की मूर्ति के सामने एक पैर पर खड़े होकर आंख से आंख मिलाकर दर्शन करें, इससे घर में बरकत और रुके हुए काम बनते हैं।
- गणेश जी के सामने पद्मासन में बैठकर हल्दी मिलाकर हवन करें, तो रोग दूर होते हैं और स्वास्थ्य में सुधार होता है।
- दोनों हाथ ऊपर उठाकर गणेश जी को साष्टांग प्रणाम करें, इससे पूरे परिवार को सुख-समृद्धि और बप्पा की कृपा मिलती है।
- गणेश चतुर्थी के 10 दिनों में वाहन, सोना, वस्त्र या संपत्ति खरीदने से घर में धन, शांति और सौभाग्य बढ़ता है।
गणेश चतुर्थी पूजा शुभ मुहूर्त








